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उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे अंकिता लोखंडे-विक्की जैन, बोले- ये अनुभव है दिव्य

Written by:Bhawna Choubey
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उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती में शामिल हुए अंकिता लोखंडे और विक्की जैन, पहली बार मिला दिव्य अनुभव। दोनों ने कहा- यहां आकर ऐसा लगा जैसे भगवान शिव साक्षात सामने हों।
उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे अंकिता लोखंडे-विक्की जैन, बोले- ये अनुभव है दिव्य

उज्जैन की पवित्र धरती पर जब भोर की पहली किरण के साथ महाकाल की भस्म आरती शुरू होती है, तो माहौल ही बदल जाता है। इसी दिव्यता को महसूस करने आज टीवी और फिल्म जगत की मशहूर अभिनेत्री अंकिता लोखंडे और उनके पति विक्की जैन भी महाकाल की शरण में पहुंचे।

दोनों पहली बार भस्म आरती में शामिल हुए और इस अनुभव ने उन्हें भावुक कर दिया। मंदिर परिसर में उनका चेहरा भक्ति और श्रद्धा से भरा हुआ नजर आया, मानो वे किसी अलौकिक शक्ति के साक्षात्कार कर रहे हों।

भस्म आरती में शामिल होकर भावुक हुए अंकिता-विक्की

सुबह-सुबह महाकाल मंदिर में आयोजित भस्म आरती में अंकिता लोखंडे और विक्की जैन नंदी हॉल में मौजूद रहे। इस दौरान दोनों पूरी तरह भक्ति में डूबे हुए दिखाई दिए। उन्होंने “जय श्री महाकाल” और “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाए और भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था जाहिर की। मंदिर प्रबंधन की ओर से उनका स्वागत किया गया और उन्हें विशेष सम्मान भी दिया गया।

अंकिता लोखंडे बोलीं- शब्दों में नहीं बता सकती यह अनुभव

दर्शन के बाद अंकिता लोखंडे ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे खास आध्यात्मिक पल था। अंकिता ने बताया कि वह इंदौर से हैं और बचपन से कई बार महाकाल मंदिर आई हैं, लेकिन भस्म आरती में शामिल होना उनके लिए पहली बार था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या वीडियो में जो दिखता है, उससे कहीं ज्यादा दिव्य अनुभव यहां मिला। बाबा महाकाल की प्रतिमा, उनकी आंखों का तेज और पूरा वातावरण इतना अद्भुत है कि ऐसा लगता है जैसे भगवान शिव साक्षात सामने हों।

विक्की जैन ने की व्यवस्था की तारीफ

विक्की जैन ने भी इस अनुभव को खास बताते हुए मंदिर की व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बावजूद यहां सब कुछ बहुत व्यवस्थित तरीके से होता है। उनका कहना था कि महाकाल के दर्शन के बाद मन को एक अलग ही शांति मिलती है, जिसे शब्दों में बयान करना आसान नहीं है।

उज्जैन क्यों है खास आध्यात्मिक स्थल

उज्जैन को देश के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां स्थित महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। भस्म आरती यहां की सबसे खास परंपरा है, जिसमें भगवान शिव को भस्म अर्पित की जाती है और यह आरती सुबह ब्रह्म मुहूर्त में होती है।

भस्म आरती का क्या है महत्व

भस्म आरती को भगवान शिव की सबसे विशेष पूजा माना जाता है। इस आरती का धार्मिक महत्व बहुत गहरा है। इसमें भस्म का उपयोग जीवन की नश्वरता और मोक्ष के प्रतीक के रूप में किया जाता है। यही वजह है कि इस आरती को देखने के लिए देश-विदेश से लोग उज्जैन आते हैं।

 

Bhawna Choubey
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मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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