रिटायर्ड अधिकारी को अश्लील वीडियो,मनी लॉन्ड्रिंग केस में बताया आरोपी, डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ 55 लाख ठगे

जब कुलकर्णी ने उस व्यक्ति से कहा तो उसने उन्हें इसके लिए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर के लिए कहा, कुलकर्णी उसकी बातों में आ गए और उन्होंने 11 से 13 सितम्बर के बीच ठग नकली एस आई के बताये खातों में 2 करोड़ 55 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
Police Station Madhavnagar Ujjain

Ujjain News : लोगों को किसी केस में फंसा दिखाकर उसे डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं, साइबर फ्रॉड करने वाला इतना शातिर होता है कि वो अपनी बातों में उलझकर कुछ ऐसी बातें बोलता है कि फोन रिसीव करने वाले व्यक्ति को उसकी बातों पर भरोसा हो जाता है और वो ठगी का शिकार हो जाता है, ताजा मामला उज्जैन में रहने वाले एक रिटायर्ड अधिकारी का है, ठगों में 76 साल के बुजुर्ग से 2 करोड़ 55 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

पुलिस अधिकारी बताकर रिटायर्ड अधिकारी को ठगा  

जानकारी के मुताबिक उज्जैन के माधवनगर थाना क्षेत्र की मंगल कॉलोनी में रहने वाले रविन्द्र कुलकर्णी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड कंपनी के रिटायर्ड अधिकारी हैं साइबर ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर उनके साथ 2 करोड़ 55 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने बताया कि कुलकर्णी ने 20 सितंबर को थाने में शिकायत की थी कि उनके मोबाइल पर 10 सितंबर को हेमराज कोली नामक व्यक्ति ने फोन किया था। कोली ने खुद को मुंबई पुलिस का एसआई बताया था। कोली ने कहा कि वह अंधेरी थाने पर पदस्थ है उनके खिलाफ उसके थाने में मनी लॉन्ड्रिंग के 17 केस दर्ज हैं। अश्लील वीडियो संबंधी शिकायतें भी हैं जिसमें तीन साल की कैद व पांच लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।

डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ 55 लाख खाते में कराये ट्रांसफर 

फोन करने वाले व्यक्ति ने उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जिससे वे डर गए, मनी लॉन्ड्रिंग के केस में रुपये वेरीफाई करने के लिए जब कुलकर्णी ने उस व्यक्ति से कहा तो उसने उन्हें इसके लिए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर के लिए कहा, कुलकर्णी उसकी बातों में आ गए और उन्होंने 11 से 13 सितम्बर के बीच ठग नकली एस आई के बताये खातों में 2 करोड़ 55 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

पुलिस ने दर्ज की शिकायत, आरोपियों की तलाश जारी 

रकम ट्रांसफर होने के कुछ देर बाद जब उन्हें कुछ समझ आया तो उनके होश उड़ गए उन्हें समझ आ गया कि उन्हें डिजिटल अरेट कर ठगी की गई है, घबराए कुलकर्णी माधवनगर थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी शिकायत पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

पहले भी हो चुकी हैं डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की घटनाएँ 

आपको बता दें कि डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की ये पहली घटना नहीं है इससे पहले अगस्त में SBI के रिटायर्ड अधिअकरी राकेश जैन के CBI का नकली अधिकारी बनकर 55 लाख रुपये की ठगी हुई थी, इससे पहले आठ अप्रैल को उज्जैन के व्यापारी चरणजीत के साथ ठगों ने नकली सीबीआई अधिअकरी बनकर करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी की थी, दोनों ही मामलों की पुलिस जाँच कर रही है।

उज्जैन से राजेश कुल्मी की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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