उज्जैन की महाकाल नगरी में हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन इस बार यहां एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सभी को चौंका दिया। एक व्यक्ति ने खुद को IAS अधिकारी बताकर सरकारी सुविधाएं लेने की कोशिश की, लेकिन उसकी यह चाल ज्यादा देर तक नहीं चल पाई।
यह घटना सिर्फ एक धोखाधड़ी नहीं, बल्कि सिस्टम को धोखा देने की कोशिश भी है। महाकाल मंदिर फर्जी IAS मामला अब चर्चा का विषय बन गया है, जहां बाबा के दरबार में ही झूठ की पोल खुल गई।
फर्जी IAS बनकर सर्किट हाउस और भस्म आरती की कोशिश
मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली निवासी अतुल सिंह नाम के व्यक्ति ने खुद को सिविल एविएशन विभाग में संयुक्त सचिव (IAS) बताकर उज्जैन के सर्किट हाउस में दो कमरों की बुकिंग कराई थी। इतना ही नहीं, उसने महाकाल मंदिर की प्रसिद्ध भस्म आरती में शामिल होने के लिए विशेष अनुमति लेने की भी कोशिश की।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भस्म आरती के लिए विशेष व्यवस्था और अनुमति की जरूरत होती है, जिसका फायदा उठाने के लिए उसने खुद को बड़ा अधिकारी बताया। महाकाल मंदिर फर्जी IAS मामला यहीं से शुरू हुआ, जहां एक झूठी पहचान के जरिए सिस्टम को गुमराह करने की कोशिश की गई।
जांच में सामने आया पूरा सच
अधिकारियों को जब इस व्यक्ति की जानकारी संदिग्ध लगी, तो उन्होंने तुरंत सत्यापन शुरू किया। जांच के दौरान पता चला कि वह किसी भी सरकारी विभाग में अधिकारी नहीं है और उसके द्वारा दी गई सारी जानकारी फर्जी है।
किसी भी आधिकारिक रिकॉर्ड में उसका नाम नहीं मिला, जिससे यह साफ हो गया कि उसने जानबूझकर झूठ बोला था। महाकाल मंदिर फर्जी IAS मामले में यह खुलासा सबसे अहम था, जिसने पूरे मामले को उजागर कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना महाकाल पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का केस दर्ज कर लिया। उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस ने उससे जुड़े सभी दस्तावेज और बुकिंग रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए हैं, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। महाकाल मंदिर फर्जी IAS मामला अब कानूनी प्रक्रिया में है और आगे की कार्रवाई जारी है। थाना प्रभारी गगन बादल ने साफ कहा है कि इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी को भी कानून से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।






