महाकाल भक्तों से मारपीट का मामला, खराब खाने की शिकायत पर रेस्टोरेंट में जमकर हंगामा

उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए आए राजस्थान के श्रद्धालुओं का रेस्टोरेंट स्टाफ से विवाद हो गया। खराब खाने की शिकायत के बाद मामला इतना बढ़ा कि सड़क पर हंगामा और मारपीट की स्थिति बन गई।
महाकाल भक्तों से मारपीट का मामला

महाकाल की नगरी उज्जैन में एक बार फिर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। महाकाल मंदिर के पास स्थित गुदरी चौराहा इलाके में एक रेस्टोरेंट में श्रद्धालुओं और स्टाफ के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।

बताया जा रहा है कि राजस्थान के भीलवाड़ा से आए श्रद्धालुओं ने खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद रेस्टोरेंट स्टाफ और परिवार के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते सड़क पर हंगामे में बदल गई।

खराब खाने की शिकायत के बाद बढ़ा विवाद

जानकारी के अनुसार भीलवाड़ा निवासी राजेश काबरा अपने करीब 22 पारिवारिक सदस्यों के साथ महाकाल दर्शन करने उज्जैन पहुंचे थे। दर्शन के बाद पूरा परिवार गुदरी चौराहा स्थित सतगुरु रेस्टोरेंट में खाना खाने गया।

परिवार का आरोप है कि उन्हें खराब और बेस्वाद खाना परोसा गया। जब उन्होंने इसकी शिकायत की तो रेस्टोरेंट स्टाफ ने सही तरीके से बात करने के बजाय अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। श्रद्धालुओं का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें “बाद में निपट लेने” जैसी धमकी भी दी गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ती चली गई।

सड़क पर हुआ हंगामा, महिलाओं को आई चोटें

विवाद कुछ ही देर में रेस्टोरेंट के अंदर से बाहर सड़क तक पहुंच गया। वायरल वीडियो में महिलाएं चीखती और खुद को बचाने की कोशिश करती दिखाई दे रही हैं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं। परिवार ने यह भी दावा किया कि मारपीट के दौरान कुछ महिलाओं के सोने के आभूषण गायब हो गए। घटना के समय इलाके में काफी भीड़ जमा हो गई थी। सड़क पर लोगों की भीड़ बढ़ने से कुछ देर के लिए जाम जैसी स्थिति भी बन गई।

रेस्टोरेंट प्रबंधन ने क्या कहा?

रेस्टोरेंट के प्रबंधक मनोज कैप्टन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि विवाद की शुरुआत ग्राहकों की तरफ से हुई थी। उन्होंने बताया कि परिवार के 22 लोगों का करीब 7 हजार रुपए का बिल बना था और उनकी शिकायत का समाधान करने की कोशिश की गई थी। लेकिन बाद में मामला अचानक बढ़ गया। रेस्टोरेंट प्रबंधन का कहना है कि स्टाफ ने किसी के साथ मारपीट नहीं की और पूरे मामले की सही जांच होनी चाहिए।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान ले रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल

महाकाल मंदिर देश के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक है। हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर के आसपास इस तरह की घटनाएं लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं।

श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक नगरी में आने वाले लोगों के साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए। खासकर बाहर से आने वाले परिवारों को सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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