उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग अब और तेज हो गई है। दरअसल उज्जैन-आलोट संसदीय क्षेत्र के सांसद अनिल फिरोजिया ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने अपने पत्र में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी टैग किया है। दरअसल सांसद फिरोजिया ने महाकाल मंदिर परिसर में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) या किसी अन्य केंद्रीय सुरक्षा बल की स्थायी तैनाती की मांग की है।
अनिल फिरोजिया ने उज्जैन को एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र बताते हुए आगामी सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए इस कदम को अनिवार्य बताया है। प्रतिवर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहने वाले इस ज्योतिर्लिंग की सुरक्षा को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि और संत लंबे समय से चिंतित हैं।
सांसद अनिल फिरोजिया की मांग
दरअसल सांसद अनिल फिरोजिया की इस मांग को समाज के विभिन्न वर्गों से व्यापक समर्थन मिला है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ संत समाज और महाकाल के दर्शन करने आने वाले आम श्रद्धालुओं ने भी इस पहल का स्वागत किया है। दरअसल उनका मानना है कि महाकाल मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय धरोहर है, जिसकी सुरक्षा व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। विशेषकर जब सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन की तैयारियां शुरू होने वाली हैं, तब सुरक्षा संबंधी कोई चूक बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
कई बड़े अपराधी और संदिग्ध व्यक्ति पकड़े जा चुके
वहीं अपने पत्र में सांसद फिरोजिया ने उज्जैन की संवेदनशीलता को विस्तार से बताया है। उन्होंने बताया कि उज्जैन एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर है, जो कई बार संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महाकालेश्वर मंदिर परिसर से कई बड़े अपराधी और संदिग्ध व्यक्ति पकड़े जा चुके हैं। इसमें सबसे प्रमुख मामला कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे का है, जिसे 2020 में पुलिस ने महाकाल मंदिर परिसर से ही गिरफ्तार किया था। यह घटना शहर और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। ऐसे में, सांसद फिरोजिया ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि मंदिर परिसर में चौबीसों घंटे पुख्ता और उच्च-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी संज्ञान में लिया
दरअसल इस गंभीर मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी संज्ञान में लिया है। राज्यसभा सांसद संत उमेशनाथ ने भी इस मांग को संसद के पटल पर रखा था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने सक्रियता दिखाई। सांसद फिरोजिया ने जानकारी दी कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक विशेष टीम उज्जैन आकर महाकालेश्वर मंदिर परिसर का विस्तृत निरीक्षण कर चुकी है। इस दौरान टीम ने मंदिर की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। जिला प्रशासन के अधिकारियों और स्थानीय पुलिस बल के साथ मिलकर सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा की गई और केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस निरीक्षण को मांग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






