ड्यूटी से गायब रहना पड़ा महंगा, चार चिकित्साकर्मियों पर एस्मा के तहत मामला दर्ज

ड्यूटी से गायब रहना पड़ा महंगा, चार चिकित्साकर्मियों पर एस्मा के तहत मामला दर्ज

उज्जैन/अर्पण कुमार

आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज (R D Gardi Medical College) में चिकित्साकर्मियों के ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर के आदेश पर कार्रवाई की गई है| चारों चिकित्साकर्मियों के खिलाफ आवश्यक सेवा अधिनियम (ESMA) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है| आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा हैं। शुक्रवार को अस्पताल से चार एक्सरे टेक्निशियन व असिस्टेंट के ड्यूटी पर न आने से कई परेशानियां खड़ी हो गईं थी|

जिनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है उनमें सचिन बामनिया ,विकास कुमार वर्मा, उदय पंवार और राजेश मालवीय शामिल है। शहर में कोरोना (Corona) से मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है| शुक्रवार को कलेक्टोरेट में पदस्थ 51 साल के बाबू की भी कोरोना के कारण मौत हो गई। गुरुवार सुबह ही संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें आरडी गार्डी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

क्या है एस्मा
आवश्‍यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्‍मा) हड़ताल को रोकने के लिये लगाया जाता है। एस्‍मा लागू करने से पहले इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को किसी समाचार पत्र या अन्‍य दूसरे माध्‍यम से सूचित किया जाता है। एस्‍मा अधिकतम 6 महीने के लिये लगाया जा सकता है। इसके लागू होने के बाद अगर कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews