उज्जैन में इन दिनों पंचकोशी यात्रा चल रही है। 10 अप्रैल से यात्रा पर निकले यात्रियों का आज से नगर प्रवेश शुरू हो जाएगा। मंगलवार शाम वो उंडासा पहुंच चुके थे और दो दिनों में वापस लौटना शुरू करेंगे। यात्रियों के लिए यात्रा मार्ग में वृहद स्तर पर तैयारी की गई थी और अब उनके लौटने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
यात्रियों की मेजबानी और भोजन प्रसादी के लिए महाकाल समिति की ओर से भी स्टाल लगाए गए हैं। अब तक 10000 से ज्यादा यात्री महाकाल मंदिर का भोजन प्रसाद ग्रहण कर चुके हैं। चलिए जान लेते हैं कि नगर प्रवेश के दौरान यात्री क्या करेंगे और किस तरह की व्यवस्था है।
नगर प्रवेश के दौरान शिप्रा में स्नान
सुबह से यात्रियों का नगर प्रवेश शुरू हो गया है और इस दौरान वह शिप्रा में स्नान कर अष्ट तीर्थ की यात्रा पर जाएंगे। इसके पहले नागचंद्रेश्वर के दर्शन करेंगे और भगवान से यात्रा के लिए लिया गया बल वापस लौटाएंगे। यात्रियों के आगमन का यह सिलसिला गुरुवार तक देखने को मिलने वाला है। इस दौरान लोगों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है।
महाकाल मंदिर समिति की भोजन व्यवस्था
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सभी मुख्य प्रभावों पर निशुल्क भोजन व्यवस्था की जा रही है। इनमें कायावहारणेश्वर महादेव, बिलेश्वर महादेव, अंबुजा डैम पर भोजन प्रसाद वितरित किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करते नजर आए। आज चौथे पड़ाव दूधेश्वर महादेव पर निशुल्क भोजन प्रसादी का वितरण किया जाएगा।
समिति ने दी जानकारी
इस संबंध में मंदिर समिति उप्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि प्रमुख पड़ावों पर दी जाने वाली निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था जारी रहेगी। इसे स्वच्छ एवं व्यवस्थित रूप से वितरित किया जाए इसके लिए साफ सफाई, पेयजल और बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इसी कड़ी में एसपी प्रदीप शर्मा भी जैथल पहुंचे। यहां उन्होंने यात्रा कर रहे हैं लोगों से उनका हाल-चाल जाना। इसके बाद वह ग्रामीणों के साथ दाल बाटी खाते दिखाई दिए। उन्होंने यातायात सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए जरूरी दिशा निर्देश दिए।






