Mahakal Temple: गर्भगृह में बैग लेकर गोविंदा की पत्नी ने की एंट्री, पुजारी को मिलेगा नोटिस, कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई

Mahakal Mandir

Mahakal Temple Ujjain: विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार के दिन बॉलीवुड के फेमस एक्टर गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा दर्शन करने के लिए पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने गर्भगृह में जाकर पूजन अर्चन किया था। उनकी तस्वीरें सामने आई थी जिसमें एक चीज की और सभी का ध्यान गया और वह थी उनके कंधे पर टंगा हुआ एक बड़ा सा बैग, ऐसा इसलिए क्योंकि यह पूरी तरह से गर्भगृह और मंदिर के नियमों का उल्लंघन है। क्योंकि किसी भी श्रद्धालु को अपने साथ बैग या पर्स ले जाने की अनुमति नहीं होती है। अब इस मामले में पूजन कराने वाले पुजारी को नोटिस दिया जाएगा

Mahakal Temple की सुरक्षा में चूक

मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कुछ नियम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जारी किए गए हैं। जिसके मुताबिक कोई भी श्रद्धालु अपने साथ बैग, झोला, पॉलिथीन जैसी वस्तुएं अंदर लेकर नहीं जा सकता है। जो भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं बाहर खड़े सिक्योरिटी गार्ड उन्हें अपने साथ लाया हुआ सामान लॉकर में रखने को बोलते हैं। महिलाएं भी अपने साथ सिर्फ पैसे रखने वाला छोटा पर्स लेकर जा सकती हैं, इसके अलावा सारा सामान बाहर रखवा दिया जाता है।

Mahakal Temple

इन सब के बावजूद भी एक चर्चित अभिनेता की पत्नी का इस तरह से बड़ा सा बैग लेकर मंदिर प्रांगण के अंदर आना और उसके बाद गर्भगृह में प्रवेश कर जाना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। जब यह मामला सामने आया और इस ने तूल पकड़ा और कई सारे सवाल उठाए जाने लगे तब जाकर मंदिर प्रशासन में पूजन कराने वाले पंडित रमण त्रिवेदी को नोटिस जारी करने की बात कही है। गर्भगृह, नंदीहाल निरीक्षक और जल द्वार के गार्ड पर भी कार्रवाई की जाएगी।

महाकाल मंदिर में प्रवेश के नियम

महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों के लिए कई तरह के नियम कायदे हैं और विशेषकर गर्भगृह में पूजन परंपरा के चलते विशेष नियम बनाए गए हैं। कोई भी भक्त अपने साथ बैग, झोला, शस्त्र जैसी प्रतिबंधित वस्तुएं लेकर प्रवेश नहीं कर सकता है।

गर्भ ग्रह में प्रवेश के लिए पुरुषों को सोला और महिलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्य होती है। कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित वस्तुएं लेकर मंदिर में प्रवेश ना करें इसके लिए अलग-अलग द्वार पर गार्ड तैनात किए गए हैं। नंदीहाल और गर्भगृह में भी नियमों का पालन कराने के लिए निरीक्षकों की नियुक्ति की गई है।

मंदिर के जितने भी पंडे पुजारी हैं सभी यहां के नियमों से अच्छी तरह परिचित हैं। उन्हें अपने यजमान और आने वाले श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। लेकिन इस तरह से सुनीता आहूजा का बैग लेकर गर्भगृह में प्रवेश करना और पूजन के दौरान बैग टांग कर खड़े रहना पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन है।

क्या बोले प्रशासक

मामले को तूल पकड़ता देख अब मंदिर समिति ने कार्रवाई करने की बात कही है। समिति का कहना है कि पंडित रमण त्रिवेदी ने यह पूजन अर्चन करवाया था। जब सुनीता आहूजा गर्भगृह तक पहुंची तो किसी भी गार्ड, कर्मचारी यहां तक की पंडित ने भी उन्हें नियमों की जानकारी नहीं दी।

उन्होंने कहा कि मंदिर की मर्यादा, पवित्रता और परंपरा का ध्यान रखने का दायित्व पुजारी पुरोहितों का है और कर्मचारी भी इस में समान रूप से दोषी है। वीडियो फुटेज देख लिए गए हैं और उसी के आधार पर पंडित त्रिवेदी को नोटिस जारी किया जाएगा, साथ ही कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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