उज्जैन में 17 सितंबर को होने वाला दीपोत्सव शहर के लिए बड़ा आयोजन होगा। दरअसल इस दौरान रामघाट और दूसरे घाटों के साथ महाकाल लोक में भी बड़े स्तर पर दीप जलाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा लोगों से अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर भी दीप जलाने की अपील की जाएगी ताकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में रोशनी दिखाई दे। प्रशासन ने आयोजन की व्यवस्था के लिए अलग-अलग सेक्टर और ब्लॉक बनाने का काम शुरू कर दिया है।
वहीं इस आयोजन को लेकर शनिवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में बैठक हुई। इसमें सामाजिक संगठनों, समाज के प्रमुख लोगों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कई संस्थाओं ने दीप जलाने और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग देने की बात कही। बैठक में महापौर मुकेश टटवाल, गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, नगर निगम जोन अध्यक्ष सुरेंद्र मेहर, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती और स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन समेत कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
उज्जैन में 25 लाख दीप जलाने की तैयारी
वहीं इस दौरान कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि 17 सितंबर को महाकाल लोक, रामघाट और शहर के दूसरे घाटों पर बड़े स्तर पर दीप जलाए जाएंगे। इसके लिए करीब 25 लाख दीप जलाने की तैयारी चल रही है। इससे पहले उज्जैन में 11 लाख दीप जलाने का रिकॉर्ड बना था। अब इस बार उससे काफी ज्यादा दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। दरअसल आयोजन को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए घाटों और दूसरे स्थानों पर ब्लॉक और सेक्टर बनाए जाएंगे।
अलग-अलग सामाजिक संस्थाओं और सिविल सोसायटी से जुड़े लोगों को इन सेक्टरों की जिम्मेदारी देने की तैयारी है। इससे दीप रखने से लेकर उन्हें जलाने तक का काम अलग-अलग टीमों के जरिए कराया जाएगा। दीपोत्सव के लिए दीप, तेल और बत्ती की व्यवस्था भी की जा रही है। इन सामानों को तय स्थानों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि सभी जगह एक तय समय पर दीप जलाए जाएं। इसके लिए पहले से पूरी व्यवस्था तय की जाएगी ताकि अलग-अलग स्थानों पर दीप जलाने में समय का अंतर न रहे।
रामघाट पर सजेंगे दीप
दरअसल सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल के मुताबिक, घाटों की साफ-सफाई के बाद वहां 16×16 के ब्लॉक बनाए जाएंगे। इन्हीं ब्लॉकों में दीपों को व्यवस्थित तरीके से रखा जाएगा। रामघाट पर इस काम की तैयारी शुरू हो चुकी है। घाट के पत्थरों पर निशान लगाए जा रहे हैं, ताकि इन्हीं निशानों के हिसाब से दीप रखने की जगह तय की जा सके। प्रशासन बारिश की संभावना को देखते हुए प्लान-बी भी तैयार कर रहा है। आयोजन के दौरान मौसम खराब होने की स्थिति में दीप और दूसरी व्यवस्थाओं को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक योजना पर भी काम किया जा रहा है। दीप, तेल और बत्ती को घाटों तक पहुंचाने के लिए भी अलग व्यवस्था बनाई जाएगी।






