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छत्तीसगढ़ : PM आवास योजना की पात्रता का दायरा बढ़ा, निवास की वैधता की कट-ऑफ डेट 2015 के स्थान पर 2024 हुई

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए निवास की वैधता की कट-ऑफ डेट 2015 के स्थान पर 2024, छत्तीसगढ़ सरकार ने पात्रता का दायरा बढ़ाया, विगत 9 वर्षो से निवासरत परिवारों को भी अब मिलेगा लाभ, 15 दिनों में नए हितग्राहियों को AHP आवासों का लाभ दिलाने के निर्देश
CM Vishnu Deo Sai

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के लाभार्थियों के लिए अच्छी खबर है। शहरी गरीबों के आशियाने के सपने को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला किया है। राज्य की विष्णु देव सरकार ने योजना की पात्रता का दायरा बढ़ा दिया है। सरकार ने योजना के लिए निवास की वैधता की कट-ऑफ डेट 2015 के स्थान पर अब 2024 कर दी है।

दरअसल, नगरीय निकायों में रहने वाले परिवारों के हित में संवेदनशील फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के लिए निवास की वैधता की कट-ऑफ तिथि को 31 अगस्त 2015 से बढ़ाकर अब 31 अगस्त 2024 कर दिया है। राज्य की विष्णु देव सरकार के इस निर्णय से विगत 9 वर्षों से शहरों में रह रहे लोगों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत हितग्राहियों के निवास की वैधता के निर्धारण के लिए नई कट-ऑफ-तिथि निर्धारित करते हुए इसका आदेश मंत्रालय से जारी कर दिया है। विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि शासन द्वारा इस आशय का आदेश प्रसारित कर दिया गया है। पूर्व में निर्धारित 31 अगस्त 2015 की तिथि में संशोधन से राज्य के नगरीय क्षेत्रों में निवासरत अधिक पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 का लाभ ले सकेंगे।

विभाग द्वारा प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को संशोधित प्रावधानों के अनुरूप पात्र हितग्राहियों के चिन्हांकन, सत्यापन और आवास आबंटन की कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हितग्राहियों का चयन प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के दिशा-निर्देशों तथा पारदर्शी प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।  नगरीय निकायों के आयुक्तों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को संशोधित आदेश का पालन करते हुए 15 दिनों में आवास से वंचितों को भागीदारी में किफायती आवास का लाभ दिलाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले से क्या होगा फायदा

राज्य सरकार के इस निर्णय से शहरी क्षेत्रों में निवासरत अधिक जरूरतमंद परिवारों का पारदर्शी सर्वेक्षण, दस्तावेज सत्यापन एवं पात्रता परीक्षण कर उन्हें योजना के दायरे में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस निर्णय से किराये के आवासों, अस्थायी बस्तियों या अपर्याप्त आवासीय परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे पात्र परिवारों को सुरक्षित, पक्के और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई गति मिलेगी। पक्का आवास केवल छत नहीं, बल्कि परिवारों के लिए सुरक्षा, स्थायित्व, गरिमा और बच्चों के बेहतर भविष्य का आधार है। यह निर्णय शहरी क्षेत्रों की बदलती आवश्यकताओं, बढ़ती आबादी तथा गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों की वास्तविक आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

एएचपी आवासों के निर्माण में अच्छी प्रगति, 29267 आवास पूर्ण

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (AHP) के अंतर्गत अब तक 36 हजार 969 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 29 हजार 267 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जो स्वीकृत आवासों का लगभग 79 प्रतिशत है। शेष 7702 आवासों का निर्माण विभिन्न चरणों में प्रगतिरत है। राज्य में एएचपी के अंतर्गत निर्मित एवं उपलब्ध आवासों में से अब तक 30 हजार 438 आवासों का आवंटन किया जा चुका है। इनमें से 21 हजार 923 परिवार अपने पक्के आवासों में निवास प्रारंभ कर चुके हैं।
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक पात्र शहरी परिवार को सुरक्षित, स्थायी और सम्मानजनक आवास से जोड़ना है। संशोधित कट-ऑफ तिथि राज्य सरकार की जनसंवेदनशील कार्यशैली और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

केंद्र और राज्य सरकार से आवास के लिए अनुदान

गौरतलब है कि प्रधामंनत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के AHP घटक अन्तर्गत स्लम में निवासरत् शहरी गरीब आवासहीन परिवारों के व्यवस्थापन के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रति आवास 1.50 लाख रुपए दिया जाता है तथा राज्य शासन द्वारा 2.50 लाख रुपए का अनुदान दिया जाता है। इसमें हितग्राहियों को अपना अंशदान केवल 75 हज़ार रुपए प्रति आवास आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा प्रदान की गई है। इसी प्रकार AHP घटक अन्तर्गत शहरी क्षेत्रों में किराये में निवासरत् कमज़ोर आय वर्ग के पात्र परिवारों को स्वयं का पक्का मकान दिए जाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रति आवास 1.50 लाख रुपए अनुदान प्रदान किया जाता है एवं राज्य शासन द्वारा आवास निर्माण के लिए नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाती है। इसमें हितग्राहियों को अपना अंशदान 3.25 लाख रुपए प्रति आवास, आसान किश्तों में जमा कराने की सुविधा प्रदान की गई है।

Pooja Khodani
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