उज्जैन में सीएम हाउस के बाहर अतिथि प्रफेसरों का जमावड़ा देखने को मिला। लगभग 55 से ज्यादा जिलों के अतिथि प्रोफेसर विक्रमादित्य शोधपीठ के सामने सीएम आवास के गेट पर बैठे हुए दिखाई दिए। यह सभी मुख्यमंत्री को अपनी घोषणा याद दिलाने के लिए पहुंचे थे।
सीएम आवास के सामने बैठे यह अतिथि प्रोफेसर हरियाणा की तर्ज पर स्थाई नीति की मांग कर रहे हैं। उनकी इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा नीति बनाने की घोषणा की गई थी। लेकिन अब तक इस घोषणा को धरातल पर नहीं उतारा गया है।
सीएम आवास पहुंचे अतिथि प्रोफेसर
सिम आवाज पर पहुंचे अतिथि प्रोफेसर यहां पर इसलिए एकत्रित हुए हैं क्योंकि उनका कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से 10 जुलाई को भोपाल के रविंद्र भवन में उच्च शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में एक घोषणा की गई थी कि उनके लिए नई नीति बनाई जाएगी। इसके लिए रक्षाबंधन तब का समय तय किया गया था लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में ये सभी सीएम कम को राखी बांधकर उनकी घोषणा याद दिलाने के लिए पहुंचे थे।
हरियाणा की तर्ज पर हो नीति
इन अतिथि प्रोफेसर का कहना है कि मध्य प्रदेश में भी हरियाणा और अन्य राज्यों के तर्ज पर नीति बनाई जानी चाहिए। जिसके तहत आगे जाकर उन्हें स्थाई किया जा सके। वह कैसे दिखाई दिए की वह मुख्यमंत्री को भोपाल में किया गया उनका वादा याद दिलाने के लिए पहुंचे हैं। यहां कुछ महिला प्रोफेसर को भी देखा गया जिनका कहना था कि वह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें राखी बांधकर बताया दिलाने के बाद ही यहां से जाएंगी। सीएम आवास के बाहर बैठे अतिथि प्रोफेसरों को मुख्यमंत्री से मिलने का आश्वासन पुलिस और प्रशासन की टीम द्वारा दिया गया। जिसके बाद सभी शोधपीठ के अंदर चले गए।






