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महाकाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का विरोध, उज्जैन में व्यापारियों ने 12 अक्टूबर से बाजार बंद रखने का लिया फैसला

उज्जैन में महाकाल चौराहा से गुदरी होते हुए गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण की योजना को लेकर विवाद बढ़ गया है। दरअसल रविवार देर रात प्रभावित भवनों पर मार्किंग किए जाने से व्यापारी नाराज हैं। व्यापारी रहवासी महासंघ ने 12 अक्टूबर से पूरे क्षेत्र में अनिश्चितकालीन बाजार बंद रखने का ऐलान किया है।
महाकाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का विरोध, उज्जैन में व्यापारियों ने 12 अक्टूबर से बाजार बंद रखने का लिया फैसला

उज्जैन के पुराने बाजारों में सड़क चौड़ीकरण को लेकर विरोध तेज हो गया है। दरअसल महाकाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक के रास्ते में आने वाली दुकानों और भवनों पर रविवार रात करीब 1 बजे निशान लगाए गए। व्यापारियों का आरोप है कि यह कार्रवाई बिना पहले सूचना दिए और उनसे चर्चा किए बिना की गई। इससे नाराज व्यापारियों ने सोमवार 12 अक्टूबर से बाजार अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने का फैसला लिया है। महासंघ का कहना है कि प्रशासन को चौड़ीकरण की योजना पर आगे बढ़ने से पहले व्यापारियों की बात सुननी चाहिए।

व्यापारियों के मुताबिक सड़क के दोनों ओर 4-4 मीटर तक मार्किंग की गई है। उनका दावा है कि इस योजना से बड़ी संख्या में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान प्रभावित हो सकते हैं। इस रास्ते पर कई पुराने बाजार हैं जहां लंबे समय से लोग कारोबार कर रहे हैं। व्यापारियों को आशंका है कि चौड़ीकरण के कारण उनकी दुकानें पूरी तरह खत्म हो सकती हैं। इसी मुद्दे पर रविवार को व्यापारी रहवासी महासंघ की बैठक हुई, जिसमें बाजार बंद रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का फैसला लिया गया।

आश्वासन के बाद भी मार्किंग का आरोप

दरअसल व्यापारी रहवासी महासंघ के अनुसार सड़क चौड़ीकरण के लिए टेंडर जारी होने के बाद से ही व्यापारी इसका विरोध कर रहे थे। विरोध के बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने व्यापारियों से मुलाकात की थी। व्यापारियों का कहना है कि उस समय बातचीत के जरिए रास्ता निकालने और सभी पक्षों से चर्चा करने का भरोसा दिया गया था। इसके बावजूद रविवार देर रात मार्किंग की कार्रवाई किए जाने से व्यापारी नाराज हैं। व्यापारियों ने सवाल उठाया है कि जब चर्चा करके समाधान निकालने की बात कही गई थी तो फिर रात में निशान लगाने की जरूरत क्यों पड़ी। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई से जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे

हालांकि मार्किंग को लेकर प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस जानकारी में शामिल नहीं है। महासंघ का दावा है कि प्रस्तावित चौड़ीकरण से क्षेत्र के करीब 70 प्रतिशत व्यापारियों के प्रतिष्ठान पूरी तरह समाप्त हो सकते हैं। व्यापारियों का कहना है कि मामला केवल दुकानों तक सीमित नहीं है बल्कि इससे उन परिवारों की कमाई भी प्रभावित हो सकती है जिनकी आजीविका इन कारोबारों पर निर्भर है। इसी चिंता को लेकर महासंघ ने बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है। व्यापारियों ने साफ किया है कि वे अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध तरीके से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन भी करेंगे।

पाटनी बाजार से गुदरी तक व्यापारी एकजुट

वहीं पाटनी बाजार व्यापारी एसोसिएशन से जुड़े प्रशांत सोनी ने बताया कि रविवार रात करीब 1 बजे बिना सूचना मार्किंग की गई। उनका कहना है कि क्षेत्र में सड़क चौड़ी करने से पहले यातायात की समस्याओं को ठीक करने पर ध्यान देना चाहिए। सोनी के मुताबिक सड़क पर ई-रिक्शा खड़े रहने जैसी दिक्कतों को दूर किया जाए तो आवागमन को बेहतर बनाया जा सकता है। व्यापारियों का मानना है कि यातायात को व्यवस्थित करने के विकल्पों पर भी विचार होना चाहिए।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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