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महाकाल मंदिर पूरी तरह डिजिटल: दर्शन से लेकर भस्म आरती और दान तक, सब कुछ अब एक ही वेबसाइट पर

Written by:Bhawna Choubey
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उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़ा डिजिटल कदम उठाया गया है। अब शीघ्र दर्शन से लेकर भस्म आरती, पूजन, अतिथि निवास और दान तक सब कुछ एक ही सरकारी वेबसाइट से आसान, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा।
महाकाल मंदिर पूरी तरह डिजिटल: दर्शन से लेकर भस्म आरती और दान तक, सब कुछ अब एक ही वेबसाइट पर

देशभर में धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर भी इससे अछूता नहीं है। हर दिन हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। भीड़, लंबी कतारें, जानकारी की कमी और बुकिंग को लेकर भ्रम ये सभी समस्याएं लंबे समय से श्रद्धालुओं के सामने रही हैं।

इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। मंदिर की नई आधिकारिक वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in लॉन्च कर दी गई है। इस एक प्लेटफॉर्म के जरिए अब दर्शन, पूजन, भस्म आरती, अतिथि निवास बुकिंग और ऑनलाइन दान जैसी सभी सेवाएं उपलब्ध होंगी। यह पहल न सिर्फ श्रद्धालुओं के अनुभव को आसान बनाएगी, बल्कि मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और भरोसा भी बढ़ाएगी।

नई सरकारी वेबसाइट से क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

महाकाल मंदिर की इस डिजिटल पहल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि श्रद्धालुओं को अलग-अलग प्लेटफॉर्म या दलालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एक ही वेबसाइट पर सभी जरूरी सेवाएं एक जगह मिलेंगी। इस वेबसाइट पर होम पेज पर जाते ही श्रद्धालुओं को साफ तौर पर ये विकल्प दिखाई देंगे शीघ्र दर्शन, भस्म आरती बुकिंग, विशेष पूजन, अतिथि निवास बुकिंग, ऑनलाइन दान, सरकारी डोमेन gov.in पर बनी यह वेबसाइट साइबर सुरक्षा के लिहाज से भी मजबूत मानी जा रही है। इससे फर्जी वेबसाइट और ठगी की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी।

शीघ्र दर्शन बुकिंग का आसान प्रोसेस

महाकाल मंदिर में शीघ्र दर्शन की मांग सबसे ज्यादा रहती है। नई वेबसाइट पर इसका प्रोसेस बेहद सरल रखा गया है, ताकि हर उम्र का व्यक्ति इसे आसानी से समझ सके। शीघ्र दर्शन बुक करने के लिए श्रद्धालु को सबसे पहले वेबसाइट के होम पेज पर जाना होगा। वहां शीघ्र दर्शन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर दर्ज कर सबमिट करना होगा। मोबाइल पर आए ओटीपी को वेरीफाई करने के बाद श्रद्धालु अपनी जरूरी जानकारी भरकर उपलब्ध स्लॉट में से अपना समय चुन सकते हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होते ही बुकिंग कन्फर्म हो जाती है। श्रद्धालु को न तो लाइन में लगने की चिंता रहेगी और न ही किसी तरह की अव्यवस्था का सामना करना पड़ेगा।

भस्म आरती और पूजन बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन

महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसे देखने और इसमें शामिल होने की इच्छा हर श्रद्धालु की होती है, लेकिन सीमित संख्या के कारण यह हमेशा आसान नहीं होता।

नई वेबसाइट के जरिए भस्म आरती बुकिंग को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बना दिया गया है। श्रद्धालु अब पहले से उपलब्ध तारीख और स्लॉट देखकर बुकिंग कर सकते हैं। इसी तरह विशेष पूजन, रुद्राभिषेक और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी भी वेबसाइट पर साफ शब्दों में दी गई है। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि मंदिर प्रशासन को भी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी।

भक्त निवास परियोजना: 672 करोड़ की बड़ी योजना

महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की सुविधा हमेशा एक बड़ा सवाल रही है। इसे ध्यान में रखते हुए श्री महाकालेश्वर भक्त निवास परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह परियोजना लगभग 672 करोड़ रुपये की लागत से 18.65 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही है। इस विशाल परियोजना में करीब 3,000 कमरे, भोजनालय, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।

नई वेबसाइट के जरिए श्रद्धालु न सिर्फ अतिथि निवास की बुकिंग कर सकेंगे, बल्कि इस परियोजना के लिए दान भी दे सकेंगे। जो लोग कमरों के निर्माण या अन्य सुविधाओं में सहयोग करना चाहते हैं, उनके लिए भी यह पोर्टल एक आसान माध्यम बनेगा।

दान और CSR गतिविधियों के लिए पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म

महाकाल मंदिर में दान देने की परंपरा सदियों पुरानी है। अब इसे डिजिटल रूप देकर और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालु ऑनलाइन दान कर सकेंगे और यह जान सकेंगे कि उनका योगदान किस उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाएगा।

CSR गतिविधियों के लिए भी यह पोर्टल एक नया और भरोसेमंद डिजिटल चैनल साबित होगा। इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी और दानदाताओं का विश्वास भी मजबूत होगा। मंदिर प्रशासन का मानना है कि डिजिटल दान व्यवस्था से हर रुपये का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।