Hindi News

महाकाल मंदिर में अचानक लगी आग, धनुष द्वार के पास मची अफरा-तफरी

Written by:Bhawna Choubey
Published:
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर में सोमवार शाम अचानक आग लगने से श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। सूखी घास और कचरे में लगी आग तेजी से फैलने लगी, लेकिन गार्डों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
महाकाल मंदिर में अचानक लगी आग, धनुष द्वार के पास मची अफरा-तफरी

उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में सोमवार शाम अचानक आग लगने की घटना सामने आई। मंदिर परिसर के धनुष द्वार के पास सूखी घास और कचरे में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। धुएं और आग की लपटों को देखकर मंदिर में मौजूद श्रद्धालु डर गए और वहां अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई।

हालांकि राहत की बात यह रही कि मंदिर में तैनात सुरक्षा गार्डों ने समय रहते आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी। फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया था। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

धनुष द्वार के पास अचानक उठीं आग की लपटें

जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब 5:40 बजे मंदिर परिसर के धनुष द्वार के पास बाउंड्री एरिया में सूखी घास और कचरे के ढेर में आग लग गई। शुरुआत में लोगों को लगा कि मामूली धुआं है, लेकिन कुछ ही देर में आग तेजी से फैलने लगी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर श्रद्धालुओं में डर फैल गया। कई लोग मंदिर परिसर से बाहर की ओर भागने लगे। उस समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

गार्डों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

मंदिर में तैनात कोर कंपनी के गार्डों ने स्थिति को तुरंत समझा और बिना समय गंवाए अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। गार्डों ने खास तौर पर उस दिशा में आग रोकने की कोशिश की, जहां से आग ज्यादा फैल सकती थी।

मंदिर कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना दी गई और फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दमकल की गाड़ियां करीब 15 से 20 मिनट बाद मौके पर पहुंचीं। तब तक गार्ड आग को काफी हद तक नियंत्रित कर चुके थे।

श्रद्धालुओं में मचा डर और अफरातफरी

आग लगने की घटना के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु काफी घबरा गए। कई लोगों को लगा कि कहीं आग मंदिर के अंदर तक न पहुंच जाए। धुएं की वजह से कुछ देर के लिए लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हुई। हालांकि प्रशासन और मंदिर कर्मचारियों ने लोगों को शांत रहने की अपील की। स्थिति जल्द नियंत्रण में आने के बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।

विद्युत केबलों को पहुंचा नुकसान

सूत्रों के अनुसार आग की वजह से मंदिर परिसर में लगी कुछ विद्युत केबलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि प्रशासन की तरफ से अभी तक आधिकारिक रूप से नुकसान का पूरा आंकड़ा सामने नहीं आया है। मंदिर प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि आग लगने की असली वजह क्या थी और क्या सुरक्षा व्यवस्था में कहीं लापरवाही हुई थी।

साफ-सफाई को लेकर उठे सवाल

घटना के बाद मंदिर परिसर की साफ-सफाई को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धनुष द्वार के पास लंबे समय से सूखी घास और कचरा जमा था। अगर समय पर सफाई हो जाती, तो शायद यह घटना नहीं होती।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर जैसे संवेदनशील स्थान पर नियमित सफाई और सुरक्षा जांच बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

पहले भी सामने आ चुके हैं सुरक्षा से जुड़े मुद्दे

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था हमेशा मजबूत रहना जरूरी है।

पिछले कुछ समय में मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन और साफ-सफाई को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की मांग तेज हो गई है।

प्रशासन करेगा जांच

मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या फिर सूखी घास और कचरे की वजह से हादसा हुआ।

साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि मंदिर परिसर में आग से बचाव के इंतजाम कितने मजबूत हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
Follow Us :GoogleNews