उज्जैन में चौड़ीकरण करने के लिए शाही मस्जिद के कुछ हिस्से को हटाने के मामले में हुए विवाद की वजह से अभी भी पुलिस प्रशासन की सख्ती देखने को मिल रही है। यहां जो पथराव और लाठीचार्ज हुआ है। उसके बाद से प्रशासन ने पूरे एरिया को सील करके रखा है।

जिस क्षेत्र में शाही मस्जिद मौजूद है वह मुख्य बाजार है। लेकिन उपद्रव के बाद 48 घंटे से भी ज्यादा समय से क्षेत्र की दुकानें बंद हैं। जब यह विवाद हुआ तब मुस्लिम समाज ने खुद ही चिन्हित हिस्सा हटाना शुरू कर दिया था। बीते दिन मचान भी बंधा गया। जिसके बाद अब मीनार हटाने का काम होगा।

ये क्षेत्र पूरी तरह बंद

इस विवाद के बाद पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, छोटा सराफा, लखेरवाड़ी, नई पेठ पूरी तरह से बंद है। इन क्षेत्रों में कपड़े, बर्तन, सोना चांदी, जूते चप्पल, कॉस्मेटिक्स सहित अन्य जरूरी समानों की दुकानें हैं।

व्यापार हो रहा प्रभावित

कोरोना के समय लगे लॉकडाउन के बाद अब पहली बार ये मौका आया है जब उज्जैन के इन प्रमुख क्षेत्रों में मौजूद बाजार बंद कर दिए गए हैं। इससे आम जनता और व्यापारियों को परेशानी हो रही है। वहीं दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हुआ है।

प्रशासन की सेवा में लगे व्यापारी

दुकानें बंद होने की वजह से व्यापारी भले ही व्यापार नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन की सेवा करने में उन्होंने कसर नहीं छोड़ी है। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक सराफा यूथ फेडरेशन ड्यूटी पर लगे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा में हाजिर रहा। फोर्स को छाछ, खिचड़ी, चाय और पानी पहुंचाया गया।

लग सकता है ज्यादा समय

प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच हुई सहमति के बाद समाज द्वारा खुद मस्जिद का हिस्सा हटाया जा रहा है। हालांकि, काम धीमी गति से होने की वजह से बहुत कम हिस्सा हटाया गया है। मीनार पर मचान बांधने के बाद आज से इसे हटाने का काम शुरू हो सकता है। काम ऐसे ही चलता रहा तो इसमें एक हफ्ते से भी ज्यादा समय लग सकता हैं। ऐसे में व्यापारियों का नुकसान बढ़ने की आशंका है।