शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक और अमानक पॉलीथिन के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत उज्जैन नगर निगम ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई की। निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिलोटीपुरा क्षेत्र में एक घर पर छापा मारकर लगभग डेढ़ लाख की संख्या में प्रतिबंधित डिस्पोजल सामग्री का जखीरा जब्त किया है। यह इस अभियान के तहत हाल के दिनों में की गई सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।
यह कार्रवाई उपायुक्त संजेश गुप्ता के नेतृत्व में जोन क्रमांक-1 के बिलोटीपुरा इलाके में की गई। निगम को सूचना मिली थी कि विनायक चौरसिया नामक व्यक्ति के निवास पर भारी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक के गिलास, कटोरी, चम्मच और अन्य डिस्पोजल सामग्री का भंडारण किया गया है।
घर में रखा था पूरा स्टॉक
सूचना के आधार पर जब स्वास्थ्य अधिकारी हरीश व्यास और स्वच्छता निरीक्षक अजय दावरे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, तो वहां बड़ी संख्या में अमानक डिस्पोजल आइटम पाए गए। निगम की टीम ने मौके से सभी सामग्री को जब्त कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह सामग्री पूरी तरह से प्रतिबंधित श्रेणी में आती है और इसका उपयोग पर्यावरण के लिए हानिकारक है। जब्त की गई सामग्री को फिलहाल एमआर-5 सेंटर में सुरक्षित रखवाया गया है।
जारी हुआ 5 हजार का चालान
नियमों का उल्लंघन करने पर नगर निगम ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ ₹5000 की चालानी कार्रवाई भी की है। उपायुक्त संजेश गुप्ता ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि यह अभियान सख्ती से जारी रहेगा।
“प्रतिबंधित सामग्री के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पिछले एक महीने में यह निगम की चौथी बड़ी कार्रवाई है। जब्त माल को नष्ट करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।” — संजेश गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम उज्जैन
निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में किसी भी स्तर पर प्रतिबंधित प्लास्टिक या डिस्पोजल के भंडारण और बिक्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की औचक निरीक्षण की कार्रवाई जारी रहेगी।






