शहर के बीआरटीएस (BRTS) कॉरिडोर को हटाने की कवायद में नगर निगम को आखिरकार प्रतिक्रिया मिली है। पहले एक ठेकेदार द्वारा काम अधूरा छोड़े जाने और अदालत की फटकार के बाद अब निगम को नए ठेकेदार मिल गए हैं। बीआरटीएस की रैलिंग और बस स्टॉप को तोड़ने के लिए जारी किए गए दो अलग-अलग टेंडरों में कुल 15 एजेंसियों ने दिलचस्पी दिखाई है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कॉरिडोर को न हटाने पर नगर निगम अधिकारियों को कोर्ट से कड़ी फटकार लग चुकी थी। इसके बाद निगम ने तेजी दिखाते हुए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की, जिसमें अब सफलता मिलती दिख रही है।
ठेकेदारों ने दिखाई रुचि, सोमवार को फैसला
नगर निगम की जनकार्य समिति के प्रभारी राजेंद्र राठौर ने इस विकास की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि रैलिंग और बस स्टॉप हटाने के लिए दो अलग-अलग टेंडर जारी किए गए थे।
“रैलिंग को स्क्वेयर मीटर के हिसाब से तोड़ने का टेंडर निकाला गया था। इसके लिए पांच ठेकेदारों ने इंटरेस्ट दिखाया है, जबकि बस स्टॉप तोड़ने के लिए दस ठेकेदारों ने इंटरेस्ट दिखाया है। सोमवार को इसकी फाइल बुलवाई है।” — राजेंद्र राठौर, जनकार्य समिति प्रभारी
राठौर ने आगे कहा कि सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर इन फाइलों पर चर्चा की जाएगी, जिसके बाद काम सौंपने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
कोर्ट को दी जाएगी जानकारी, बनेंगे नए डिवाइडर
उल्लेखनीय है कि पहले बीआरटीएस की रैलिंग तोड़ने का काम शुरू तो हुआ था, लेकिन ठेकेदार ने इसे बीच में ही छोड़ दिया था। इस वजह से शहर में कई जगहों पर रैलिंग अभी भी लगी हुई है और बस स्टॉप भी ज्यों के त्यों खड़े हैं।
अब सोमवार को ठेकेदारों के चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर निगम इस संबंध में अपनी प्रगति रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेगा। एक बार रैलिंग और बस स्टॉप पूरी तरह से हट जाने के बाद, कॉरिडोर की जगह पर डिवाइडर बनाने का काम भी शुरू किया जाएगा, ताकि यातायात को सुगम बनाया जा सके।






