देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर नगर निगम ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने शनिवार को सिटी बस ऑफिस में एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में शासन की गाइडलाइन के अनुसार सर्वेक्षण के सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निगमायुक्त ने सभी अधिकारियों को आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर रोजाना मॉनिटरिंग की जाए और हर एक बिंदु पर शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित हो।
स्वच्छ जल और नाला अभियान पर जोर
बैठक में स्वच्छ जल आपूर्ति और नाला सफाई अभियान को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। निगमायुक्त ने पेयजल की गुणवत्ता, नियमित परीक्षण, लीकेज नियंत्रण और जल वितरण की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने ‘स्वच्छ नाला अभियान’ के तहत नालों की नियमित सफाई, सिल्ट हटाने और आउटफॉल की जांच पर जोर देते हुए कहा, “शहर में कहीं भी गंदे पानी का ठहराव न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।” जलभराव की स्थिति को रोकने के लिए एक विशेष कार्ययोजना बनाने के लिए भी निर्देशित किया गया।
यातायात और सौंदर्यीकरण भी सर्वेक्षण का हिस्सा
इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में सुचारू यातायात व्यवस्था को भी एक महत्वपूर्ण घटक माना गया है। निगमायुक्त सिंघल ने कहा कि एक स्वच्छ और व्यवस्थित शहर की छवि के लिए सुगम यातायात अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न को चौड़ा करने, अतिक्रमण हटाने और पार्किंग की सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर सौंदर्यीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। दीवार लेखन, पेंटिंग और सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। आयुक्त ने ‘नो रेड स्पॉट’ अभियान को फिर से गति देने और व्यस्ततम क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
बुनियादी स्वच्छता मानकों की समीक्षा
बैठक में एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्वच्छता के बुनियादी मानकों की समीक्षा की गई। इसमें डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण, गार्बेज फ्री सिटी (GFC) मानक, और ओडीएफ प्लस प्लस की स्थिति जैसे प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक विभाग अपने दायित्वों का सूक्ष्म विश्लेषण कर एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करे और उसी के अनुरूप काम करे। बैठक में अपर आयुक्त प्रखर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।






