मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित रामघाट पर रविवार शाम शिप्रा आरती के दौरान विवाद हो गया। फूल और दीपक बेचने वाली महिला और आरती कराने वाले पुजारी के बीच शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के मुताबिक तिलकेश्वर कॉलोनी निवासी उमा यादव अपनी मां ममता परमार के साथ रामघाट पर फूल, पत्ती और दीपक बेचने का काम करती हैं। रविवार शाम भी दोनों अपने रोज के काम में लगी थीं। इसी दौरान शिप्रा आरती कराने वाले पुजारी गणेश शर्मा ने कथित तौर पर उन्हें वहां सामान बेचने से मना किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही मिनटों में माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों ओर से तीखी नोकझोंक होने लगी। इसके बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया और मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की।
पीतल की आरती से हमला करने का आरोप
महिला पक्ष का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर पुजारी गणेश शर्मा ने अपने भाई विकास और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर उन पर हमला कर दिया। उनका कहना है कि पीतल की आरती से वार किया गया, जिससे उमा यादव, उनकी मां ममता परमार और शिप्रा नाम की एक बालिका घायल हो गईं। घटना के बाद तीनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
वहीं दूसरी ओर पुजारी पक्ष ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों को एकतरफा बताते हुए महिला पक्ष पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विवाद के दौरान उनके साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया गया। फिलहाल दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर कायम हैं। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही साफ हो सकेगी। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।






