उज्जैन कलेक्ट्रेट के बाहर साधु संतो का धरना देखने को मिला। कंप्यूटर बाबा यानी नामदेव दास त्यागी के साथ धरने पर बैठे संत पुष्पवर्षा की अनुमति ना मिलने की वजह से यहां एकत्रित हुए थे। सभी ने यहां जमकर नारेबाजी की।
धरना दे रहे संतों का कहना था कि वो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन यात्रा के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा करना चाहते हैं। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा इसकी अनुमति नहीं दी जा रही है। कुछ देर बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने साधु संतों से बातचीत कर धरना खत्म करवाया। इस दौरान पुष्पवर्षा की परमिशन भी दे दी गई।
इन शर्तों पर मिली अनुमति
इस बारे में जानकारी देते हुए उज्जैन एसडीएम पवन बारिया ने कहा कि सत्य सनातन पदयात्रा को लेकर आवेदन प्राप्त हुआ था। विचार विमर्श के बाद कलेक्टर की ओर से अनुमति जारी कर दी गई है। बालाजी गार्डन नरसिंह घाट के पास पुष्प वर्षा की अनुमति नियमों के मुताबिक जारी किए। जो आयोजक हैं उन्हें तय शर्तों का पालन करना होगा।
पुष्पवर्षा करेंगे संत
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की यात्रा पर कंप्यूटर बाबा साधु संतों के साथ पुष्प वर्षा करना चाहते हैं। इसी की अनुमति के लिए कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया गया। अनुमति मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, पुलिस और मीडिया को धन्यवाद दिया है। उनका कहना है कि संत समाज
प्रशासन के नियमों का पालन करते हुए उनका सहयोग करता रहेगा। यह भी बताया गया है कि लगभग 11 क्विंटल पल पुष्प वर्षा के लिए रखे गए हैं। 1 से 2 बजे के बीच पुष्प वर्षा की जाने वाली है।
कब से है यात्रा
बता दें कि दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर से सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर से यात्रा शुरू होगी। लगभग 930 किलोमीटर का सफर तय करते हुए यह अयोध्या जाने वाली है। उन्होंने अपनी इस यात्रा की शुरुआत के लिए विजयादशमी का खास दिन चुना है। इसके पहले वो नर्मदा परिक्रमा यात्रा भी कर चुके हैं। यह यात्रा उज्जैन, तराना, शाजापुर, सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोक नगर, चंदेरी, तालबेहट, ओरछा, चिरगांव, उरई, कालपी, कानपुर, लखनऊ और बाराबंकी होते हुए अयोध्या पहुंचेगी।






