उज्जैन में सोमवार शाम एक बड़ी घटना सामने आई जब वंदे भारत ट्रेन पर अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। यह घटना गदा पुलिया और नीलगंगा रेलवे ट्रैक के बीच करीब 7:30 बजे हुई। तेज रफ्तार से गुजर रही ट्रेन पर अचानक पत्थर फेंके जाने से यात्रियों में डर का माहौल बन गया।
पथराव में ट्रेन के पांच कोचों के कांच टूट गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आई। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
कैसे हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, जब वंदे भारत ट्रेन उज्जैन स्टेशन से करीब 200 मीटर दूर गदा पुलिया के पास पहुंची, तभी ट्रैक किनारे मौजूद कुछ युवकों ने अचानक पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
इस हमले में ट्रेन के कोच C/6, C/7, C/8, C/9, E/1 और E/2 के विंडो ग्लास और पिलर ग्लास टूट गए। लगातार पत्थर लगने से कई डिब्बों में अफरा-तफरी मच गई और यात्री घबरा गए।
घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को समझने का मौका नहीं मिला। ट्रेन की रफ्तार ज्यादा होने के कारण यह आगे बढ़ गई, लेकिन पीछे डर और दहशत का माहौल छोड़ गई।
CCTV फुटेज में दिखे संदिग्ध, RPF ने शुरू की जांच
घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक रेलवे ट्रैक के आसपास घूमते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में यह भी दिखता है कि जैसे ही ट्रेन नजदीक आती है, वे पत्थर फेंकना शुरू कर देते हैं। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के उप निरीक्षक जयवीर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। हालांकि मौके पर कोई संदिग्ध नहीं मिला।
RPF ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और अब CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस आसपास के इलाकों में भी पूछताछ कर रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
यात्रियों में दहशत, लेकिन बड़ा हादसा टला
इस घटना के दौरान ट्रेन में बैठे यात्रियों में काफी डर फैल गया। कई लोगों ने बताया कि अचानक तेज आवाज आई और खिड़कियों के कांच टूटने लगे, जिससे वे घबरा गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी यात्री को चोट नहीं लगी। ट्रेन को बीच में नहीं रोका गया और यह अपने तय समय पर आगे रवाना हो गई। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अगर पत्थर किसी यात्री पर लग जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसलिए इसे गंभीर सुरक्षा चूक माना जा रहा है।
रेलवे सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
उज्जैन वंदे भारत ट्रेन पथराव की घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड और प्रीमियम ट्रेनों पर इस तरह के हमले चिंता बढ़ाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। कई जगहों पर खुले इलाके होने के कारण ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैक के आसपास निगरानी बढ़ाने, CCTV सिस्टम मजबूत करने और गश्त बढ़ाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
RPF की अगली कार्रवाई क्या होगी
रेलवे सुरक्षा बल अब CCTV फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटा है। टीम आसपास के इलाकों में संदिग्धों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेल प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है।






