मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र (SGTPS) में काम करने वाले सैकड़ों श्रमिकों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्लांट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क के बेहद करीब एक बाघ को घूमते हुए देखा गया। इस घटना के बाद से प्लांट के कर्मचारियों में डर का माहौल है और उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब कई श्रमिक अपनी ड्यूटी के लिए प्लांट की ओर जा रहे थे। प्लांट के पास बने डैम के नजदीक पानी पीने आया बाघ अचानक सड़क किनारे नजर आया, जो मुख्य मार्ग से महज 100 मीटर की दूरी पर था।
सड़क पर बाघ देख मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही उन्होंने बाघ को देखा, मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई श्रमिक डरकर वहीं रुक गए। बताया जा रहा है कि बाघ कुछ देर तक उसी इलाके में घूमता रहा और फिर जंगल की ओर चला गया। गनीमत रही कि इस दौरान किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि, इस घटना ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वन क्षेत्र से सटा होने के कारण जानवरों की आवाजाही
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरा इलाका घने वन क्षेत्र से घिरा हुआ है, जिसके कारण यहां जंगली जानवरों की आवाजाही एक आम बात है। अक्सर तेंदुए, भालू और अन्य जंगली जानवर भोजन और पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों के करीब आ जाते हैं। लेकिन, बाघ जैसे खूंखार जानवर का मुख्य सड़क के इतने करीब आना एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि इसी रास्ते से रोजाना सैकड़ों कर्मचारी और वाहन गुजरते हैं।
सुरक्षा बढ़ाने की उठी मांग
इस घटना के बाद श्रमिकों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जानी चाहिए और ऐसे उपाय किए जाने चाहिए ताकि जंगली जानवर प्लांट या सड़क के पास न आ सकें। श्रमिकों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? फिलहाल, बाघ की मौजूदगी की खबर से पूरे प्लांट क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।






