Hindi News

योगी कैबिनेट के 15 अहम फैसले; आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बड़ी राहत, जानिए और क्या हुआ तय

Written by:Saurabh Singh
Published:
उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने के लिए 'उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025' को मंजूरी दी गई। साथ ही, नई निर्यात नीति-2030 को स्वीकृति मिली, जो अगले पांच वर्षों तक लागू रहेगी और निर्यातकों व कारोबारियों के लिए विशेष रियायतें प्रदान करेगी।
योगी कैबिनेट के 15 अहम फैसले; आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बड़ी राहत, जानिए और क्या हुआ तय

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे बड़ी राहत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए है, जिनके हितों की रक्षा और शोषण से बचाव के लिए ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम’ के गठन को स्वीकृति मिली। इस निगम के तहत जेम पोर्टल के माध्यम से सर्विस प्रोवाइडर नियुक्त किए जाएंगे, जिनकी नियुक्ति अवधि तीन साल होगी और वेतन हर माह 1 से 5 तारीख के बीच खाते में जमा होगा।

कैबिनेट ने नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए लखनऊ और कानपुर के लिए 100-100 ई-बसों की खरीद को हरी झंडी दी। यह कदम दोनों शहरों में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण-अनुकूल और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश व रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत विभिन्न कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने और स्टांप विभाग को सरकारी विभाग घोषित करने के प्रस्ताव भी पास किए गए।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का हब

उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025’ को मंजूरी दी गई। साथ ही, नई निर्यात नीति-2030 को स्वीकृति मिली, जो अगले पांच वर्षों तक लागू रहेगी और निर्यातकों व कारोबारियों के लिए विशेष रियायतें प्रदान करेगी। पैतृक संपत्ति के बंटवारे के लिए रजिस्ट्री शुल्क को 5,000 रुपये तक सीमित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

रोजगार और प्रशासनिक सुधारों को गति

ये फैसले उत्तर प्रदेश में विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कैबिनेट के निर्णयों से न केवल आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लाभ होगा, बल्कि औद्योगिक निवेश, निर्यात और सार्वजनिक परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी प्रगति होगी। यह बैठक योगी सरकार की जनकल्याण और विकासोन्मुखी नीतियों को दर्शाती है।