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माघ कुंभ 2026 में बड़ा हादसा, धार्मिक शिविर में लगी भीषण आग, दो टेंट जलकर खाक

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
प्रयागराज माघ कुंभ के सेक्टर 5 में लगे एक धार्मिक शिविर में मंगलवार शाम करीब 5:45 बजे अचानक आग लग गई। इसके बाद श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के बीच हड़कंप मच गया।
माघ कुंभ 2026 में बड़ा हादसा, धार्मिक शिविर में लगी भीषण आग, दो टेंट जलकर खाक

उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में आयोजित माघ कुंभ 2026 से जुड़ी एक बुरी खबर सामने आई है। माघ कुंभ के सेक्टर 5 में लगे एक धार्मिक शिविर में मंगलवार शाम करीब 5:45 बजे अचानक आग लग गई। इसके बाद श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के बीच हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली की देखते ही देखते 2 टेंट इसकी चपेट में आ गईं और जलकर खास हो गईं। आग की सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया।

बता दें कि यह आग प्रयागराज के माघ मेले में सेक्टर 5 स्थित नारायण शुक्ला धाम शिविर में लगी थी। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय पुलिस और संतों ने मिलकर बचाव कार्य में तेजी दिखाई और सभी कल्पवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं आग के कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

कैसे लगी शिविर में आग?

शुरुआती जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या किसी चिंगारी की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन अब मेले में अन्य शिविरों को अग्नि सुरक्षा के नियमों के प्रति और अधिक सतर्क रहने की हिदायत दे रहा है।

चीफ फायर ऑफिसर ने दी घटना की जानकारी

माघ मेला के चीफ फायर ऑफिसर अनिमेष सिंह ने बताया कि हमारी फायर ब्रिगेड टीम, जो राउंड पर थी, उन्होंने धुआं देखा और तुरंत मौके पर पहुंच गई। हमारी मोटरसाइकिल यूनिट 30 सेकंड में पहुंच गई, और हमारी छह फायर गाड़ियां डेढ़ मिनट में पहुंच गईं। आग पर जल्दी काबू पा लिया गया, और सिर्फ दो टेंट जले। आसपास के करीब 8 से 10 टेंट बचाए गए।

अधिकारी ने बताया कि अभी हालत यह है कि उनका कुछ सामान, जिसमें कुछ दवाएं और प्रिस्क्रिप्शन शामिल हैं, जल गए हैं। लोग कह रहे हैं कि आग तब लगी जब बिजली ठीक हुई, शायद पावर में उतार-चढ़ाव या अचानक बिजली आने से निकली चिंगारी की वजह से। हालांकि, सही वजह का पता लगाने के लिए पूरी जांच की जरूरत है।

गौरतलब है कि प्रयागराज का माघ कुंभ 2026 की शुरुआत 3 जनवरी 2026 (पौष पूर्णिमा) से हो चुकी है। संगम की रेती पर लगने वाला यह कुंभ 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक चलेगा। इसमें आस्था और आध्यात्मिकता का एक भव्य समागम है। लगभग 44 दिनों के इस मेले में लाखों कल्पवासी और श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगाकर मोक्ष की कामना करते हैं।