महिला आरक्षण बिल पर जारी राजनीतिक बहस के बीच अफजाल अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को बराबरी का हक देने की बात करती है, लेकिन असलियत में सत्ता और पार्टी में महिलाओं की भागीदारी बहुत सीमित है। अफजाल अंसारी ने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान की बात तो करती है, लेकिन अपने ही मंत्रिपरिषद में महिलाओं की संख्या बहुत कम है।
दरअसल उनके मुताबिक अगर सरकार सच में महिलाओं को बराबरी देना चाहती है, तो उसे अपनी राजनीतिक व्यवस्था में भी ज्यादा महिलाओं को जगह देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सिर्फ बयान देना काफी नहीं है, बल्कि ठोस कदम उठाने की जरूरत होती है।
महिला आरक्षण बिल पर मची सियासी बहस
बता दें कि देश में लंबे समय से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर चर्चा होती रही है। इसी मुद्दे को लेकर अब महिला आरक्षण बिल फिर से राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया था। इसके बाद विपक्ष की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। इसी कड़ी में अफजाल अंसारी ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर राजनीति करना सही नहीं है। उनका कहना है कि अगर सरकार सच में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है, तो उसे पहले अपने राजनीतिक ढांचे में सुधार करना होगा।
विपक्ष का सरकार पर गंभीर आरोप
वहीं महिला आरक्षण बिल को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। दरअसल उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे को राजनीतिक रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया है। अवधेश प्रसाद के मुताबिक सरकार को पहले ही पता था कि सदन में स्थिति क्या रहने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल को लेकर जो घटनाक्रम हुआ, उससे यह सवाल उठता है कि क्या यह सब पहले से तय था। दरअसल उन्होंने कहा कि विपक्ष महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के पक्ष में है, लेकिन सरकार इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक फायदा लेने के लिए कर रही है।






