लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछने लगी है। प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके एक शिष्य पर POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज होने के बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर सीधे तौर पर भाजपा पर तीखा हमला बोला है और इसे संतों का अपमान करार दिया है।
अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए ‘भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ’ का नारा दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि जो भी भाजपा के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे झूठे आरोपों में फंसाने की साजिश की जाती है।
शंकराचार्य का वीडियो शेयर कर साधा निशाना
सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट के साथ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का एक वीडियो भी साझा किया। इस वीडियो में शंकराचार्य अपने खिलाफ दर्ज FIR पर मीडिया से बात करते हुए कह रहे हैं कि वह कानून का सम्मान करते हैं और अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आती है तो वह कोई विरोध नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सत्य को अधिक समय तक दबाया नहीं जा सकता।
“सच्चे संतों का अपमान करके भाजपा ने फिर साबित कर दिया है कि सिवाय अपनी पैसों की भूख और ख़ुदगर्ज़ी के, वो किसी की भी सगी नहीं है। भाजपाई की ये पुरानी कु-कार्यशैली है कि जो भी भाजपाइयों के ज़ुल्म, ज़्यादती और जुर्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है, उसे भाजपाई झूठे आरोपों से धमकाने, दबाने, मिटाने की साज़िश करते हैं।”- अखिलेश यादव, सपा प्रमुख
अखिलेश यादव ने आगे भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्ट-भाजपाई और उनके सहयोगी केवल धन कमाने के लिए सत्ता हासिल करना चाहते हैं।
क्या है पूरा मामला और क्यों दर्ज हुई FIR?
यह पूरा विवाद प्रयागराज पुलिस द्वारा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ नाबालिगों के यौन शोषण के आरोपों में POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज करने से शुरू हुआ। पुलिस ने यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की है।
जानकारी के अनुसार, शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान उन्होंने दो बच्चों को पेश कर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद कोर्ट में कैमरे के सामने बच्चों के बयान दर्ज किए गए, जिसके आधार पर कोर्ट ने पुलिस को FIR दर्ज कर विस्तृत जांच करने का स्पष्ट आदेश दिया। इस FIR के बाद से ही मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ!
सच्चे संतों का अपमान करके भाजपा ने फिर साबित कर दिया है कि सिवाय अपनी पैसों की भूख और ख़ुदगर्ज़ी के, वो किसी की भी सगी नहीं है। भाजपाई की ये पुरानी ‘कु-कार्यशैली’ है कि जो भी भाजपाइयों के ज़ुल्म, ज़्यादती और जुर्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है, उसे भाजपाई… pic.twitter.com/aZoTz4KH4A
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 23, 2026






