राम मंदिर चढ़ावा मामले में FIR पर भड़के अखिलेश यादव, बोले – ‘बड़े लोगों को बचाया जा रहा’

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद में FIR के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने SIT जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दरअसल उनका आरोप है कि पहले जांच के नाम पर सबूतों को प्रभावित किया गया और अब केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई हो रही है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में FIR पर भड़के अखिलेश यादव, बोले - 'बड़े लोगों को बचाया जा रहा'

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के मामले में FIR दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। दरअसल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जांच की पूरी प्रक्रिया पर शुरुआत से ही संदेह रहा है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई इस तरह की गई है, जिससे केवल निचले स्तर के लोगों को जिम्मेदार ठहराया जा सके।

दरअसल राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई FIR में आठ लोगों को नामजद किया गया है। इनमें चढ़ावे की गिनती से जुड़े कर्मचारी और कुछ अन्य लोग शामिल हैं। हालांकि, ट्रस्ट के किसी भी वरिष्ठ सदस्य का नाम इस FIR में नहीं है। इसी बात को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और ट्रस्ट दोनों पर सवाल उठा रहा है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “बीजेपी राज में नाइंसाफी की यही तस्वीर दिख रही है। फुनगी को फांसी और शाखाओं को माफी मिल रही है।”

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT जांच पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

वहीं राम मंदिर चढ़ावा विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब चढ़ावे के पैसे में अनियमितताओं के आरोप सामने आए। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपी गई और उसी के आधार पर गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज की गई। दरअसल विपक्ष का आरोप है कि FIR दर्ज करने से पहले जांच पूरी कर लेना और फिर केवल कुछ कर्मचारियों को आरोपी बनाना कई सवाल खड़े करता है।

अखिलेश यादव का बड़ा हमला

दरअसल अखिलेश यादव ने दावा किया कि ऐसा लगता है जैसे जांच एजेंसी को पहले से निष्कर्ष बता दिया गया हो और उसी हिसाब से पूरी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मामले में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए तो उसमें सभी स्तरों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि, अब तक जांच एजेंसियों या राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

FIR में किन लोगों के नाम?

जानकारी दे दें कि राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई FIR में कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। इनमें चढ़ावे की गिनती से जुड़े छह कर्मचारी, ट्रस्ट से जुड़े ड्राइवर टिन्नू यादव और कुछ अन्य कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। यह FIR ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। शुरुआती जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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