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ईरान-इजरायल तनाव के बीच अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से पूछा सीधा सवाल, एक तटस्थ देश होने के नाते शांति के लिए क्या प्रयास किए?

Written by:Banshika Sharma
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने सवाल किया कि भारत युद्ध के पक्ष में है या शांति के, और एक तटस्थ राष्ट्र के रूप में शांति बहाली के लिए क्या कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।
ईरान-इजरायल तनाव के बीच अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से पूछा सीधा सवाल, एक तटस्थ देश होने के नाते शांति के लिए क्या प्रयास किए?

मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर भारत में भी सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए सरकार से पूछा कि भारत शांति के साथ खड़ा है या युद्ध के।

अखिलेश यादव ने इस गंभीर अंतरराष्ट्रीय विषय पर भारत सरकार की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक तटस्थ देश होने के नाते भारत को यह बताना चाहिए कि वह इस जंग को रोकने और अमन बहाली के लिए क्या कूटनीतिक कदम उठा रहा है।

‘सरकार बताए, जंग के साथ है या अमन के?’

सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में सीधे तौर पर सरकार की मंशा पर सवाल किया। उन्होंने लिखा कि दुनिया के किसी भी देश के आम नागरिकों से लेकर खास लोगों तक पर हो रहे जानलेवा हमलों के बीच भारत सरकार को अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए।

“किसी देश के सबसे खास से लेकर आम नागरिकों तक पर हो रहे जानलेवा हमलों व जंग के इन हालात में हमारे देश की सरकार, इस अंतरराष्ट्रीय विषय पर अपना रुख साफ करे और बताए कि वो जंग के साथ है या अमन के?” — अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी

उन्होंने युद्ध में मारे जा रहे लोगों पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे इंसानियत का नुकसान बताया। अखिलेश यादव ने कहा, “इंसान के साथ इंसानियत का मारा जाना बेहद अफसोसजनक है। हर देश को जिम्मेदाराना व्यवहार करना चाहिए।”

युद्धकालीन खबरों की पुष्टि की मांग

अखिलेश यादव ने युद्ध के दौरान फैलाई जाने वाली सूचनाओं को लेकर भी सरकार को आगाह किया। उन्होंने कहा कि युद्धकालीन समाचार अक्सर किसी रणनीति का हिस्सा होते हैं, इसलिए उनकी प्रामाणिकता की जांच जरूरी है। उन्होंने मांग की, “हमारे देश की सरकार, हर संभव स्तर पर, युद्ध में मारे जाने वालों से जुड़ी खबरों की पुष्टि करे और सच क्या है ये जनता के सामने रखे।” यह बयान मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और उससे वैश्विक शांति पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भारत की विपक्षी पार्टियों की चिंता को दर्शाता है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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