
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। एक जारी बयान में अखिलेश ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बिजली संकट, किसानों की दुश्वारियों और बाढ़ राहत में लापरवाही को लेकर भाजपा सरकार को घेरा।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि “यूपी में अराजकता का माहौल है, कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, बिजली की हालत चरमराई हुई है और किसानों को फसलों के लिए खाद तक नहीं मिल रही। भाजपा सिर्फ झूठे वादों की राजनीति कर रही है।”
उन्होंने कहा कि जलभराव और बाढ़ ने प्रदेश के कई जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है, इसके बावजूद सरकार की तरफ से कोई ठोस राहत नहीं मिल रही। “सोचने वाली बात है कि सरकार ने 20-20 हजार करोड़ रुपये खर्च किए, फिर भी जलभराव की समस्या जस की तस है,” अखिलेश ने कहा।
संविधान पर हमला
एसआईआर (State Infra Registry) नीति पर भी अखिलेश ने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा इसे लागू कर संविधान पर सीधा हमला कर रही है। उन्होंने कहा कि “समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन एसआईआर का विरोध कर संविधान को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा चाहती है कि जनता वोट न दे सके – यह हारती हुई भाजपा की पहचान है।”
मंत्री भी कर रहे धरना
अखिलेश ने बताया कि प्रयागराज, फतेहपुर, बलिया, वाराणसी और हमीरपुर जैसे जिलों में लाखों लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से राहत नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि “खेती, मवेशी और फसलों का भारी नुकसान हुआ है, लेकिन भाजपा सरकार मुआवज़ा देने तक को तैयार नहीं,”
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि “भाजपा सरकार के झूठे दावों की पोल अब खुद उसके विधायक और मंत्री खोल रहे हैं, जो धरने और प्रदर्शन तक करने को मजबूर हो रहे हैं।”
हर विभाग में भ्रष्टाचार
अखिलेश ने कहा कि यह सरकार अब प्रदेश के लिए अभिशाप बन चुकी है। “हर विभाग में लूट और भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। जनता को अब विधानसभा चुनाव का इंतजार है, ताकि इस निकम्मी सरकार को हटाया जा सके।”
