समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर के जन्मदिन पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए राजभर को जन्मदिन की बधाई देते हुए तीखा हमला बोला और बीजेपी के साथ उनके गठबंधन पर सवाल उठाए। अखिलेश ने राजभर के राजनीतिक रुख को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की, जिससे यूपी की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, ‘उनका जन्मदिन है तो हम क्या करें। 100 रुपये से काम चले तो भेज दें, हम तो उनको 100 रुपये ही दे सकते हैं।‘
अखिलेश ने अपनी पोस्ट में लिखा कि राजभर का जन्मदिन बीजेपी के साथ उनके गठबंधन की मजबूती का प्रतीक है, लेकिन यह भी जोड़ा कि जनता सब देख रही है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी अपने सहयोगियों को केवल अपने हितों के लिए इस्तेमाल करती है। यह बयान राजभर और बीजेपी के बीच गठबंधन की अटकलों को और हवा देता है।
सहयोगी दलों को पक्ष में लाने की कोशिश
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अखिलेश यादव के इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी बीजेपी के सहयोगी दलों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश में जुटी है और अखिलेश का यह तंज उसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टिप्पणी राजभर के वोट बैंक को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है।
बीजेपी के साथ मजबूती से खड़े
इस बीच, ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश के तंज का जवाब देते हुए कहा कि वे अपनी पार्टी और बीजेपी के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने अखिलेश पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की हताशा अब सामने आ रही है। यूपी की सियासत में यह बयानबाजी दोनों नेताओं के बीच तल्खी को और बढ़ा सकती है, जिसका असर आगामी राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।





