यदि आप 3 मार्च 2026 को अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। साल 2026 के पहले चंद्र ग्रहण के कारण इस दिन अयोध्या के सभी प्रमुख मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। राम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन समेत किसी भी मठ-मंदिर में दर्शन-पूजन नहीं हो सकेगा।
यह निर्णय चंद्र ग्रहण और उससे पहले लगने वाले सूतक काल को देखते हुए लिया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल में मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं और कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। ऐसे में अयोध्या आने की योजना बना रहे राम भक्तों को असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की तिथि पर पुनर्विचार करने की सलाह दी गई है।
कब से कब तक बंद रहेंगे कपाट?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 3 मार्च 2026, मंगलवार को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजकर 19 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 07 मिनट पर समाप्त होगा। यह ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा, जिस कारण इसका धार्मिक महत्व और सूतक काल मान्य होगा।
ग्रहण से ठीक 9 घंटे पहले सूतक काल प्रभावी हो जाएगा। इसके चलते 3 मार्च को सुबह लगभग 8 बजे से ही मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे, जो ग्रहण समाप्त होने और शुद्धि प्रक्रिया के बाद रात्रि लगभग 8:30 बजे तक बंद रहेंगे। इस अवधि में दर्शन-पूजन पूरी तरह बंद रहेगा।
परंपरा और प्रशासन की अपील
अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि हिंदू पंचांग और शास्त्रों के अनुसार ग्रहण और सूतक काल में मंदिरों के पट बंद रखने की सदियों पुरानी परंपरा है।
“ग्रहण काल और सूतक की अवधि में मंदिरों के गर्भगृह के पट बंद रहते हैं। इस दौरान भगवान का ध्यान, संकीर्तन और मंत्र जाप किया जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की शुद्धि की जाती है और उसके बाद ही दर्शन पुनः प्रारंभ होते हैं।” — पंडित कल्कि राम, ज्योतिषाचार्य
इस स्थिति को देखते हुए अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है। उन्होंने कहा कि जो भी भक्त 3 मार्च को अयोध्या आकर मंदिरों में दर्शन-पूजन का कार्यक्रम बना रहे हैं, वे अपनी यात्रा की तारीख बदल लें ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।






