जेल का गेट खुलते ही आजम खान को ED ने घेरा, वकीलों से बहस के बाद गाड़ी में बैठाकर ले गई टीम

शनिवार को रामपुर जिला जेल के बाहर जमकर हंगामा देखने को मिला। दरअसल आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की आज जेल से रिहाई हुई। अब्दुल्ला आजम जेल से बाहर आने के बाद समर्थकों के साथ घर चले गए, जबकि आजम खान को ED की टीम अपने साथ ले गई।
जेल का गेट खुलते ही आजम खान को ED ने घेरा, वकीलों से बहस के बाद गाड़ी में बैठाकर ले गई टीम

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को रामपुर जेल से रिहा होने के कुछ ही मिनट बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया। दरअसल वह करीब 11 महीने बाद अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ जेल से बाहर आए थे। जेल के गेट पर ED के अधिकारियों और आजम के वकीलों के बीच काफी देर तक बहस हुई। इसके बाद अधिकारी उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए। जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED उनसे पूछताछ कर रही है।

दरअसल जेल के बाहर समर्थकों की भीड़ जमा थी और सुरक्षा के लिए CRPF के 24 जवान तैनात किए गए थे। आजम के जेल से बाहर निकलने से करीब 15 मिनट पहले ही ED की टीम जेल परिसर में पहुंच गई थी।

जेल के गेट पर ED और आजम खान के वकीलों के बीच हुई बहस

वहीं आजम खान के जेल से बाहर आते ही ED के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान उनके वकीलों और अधिकारियों के बीच काफी देर तक बहस हुई। आजम खान ने भी अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया लेकिन बातचीत के बाद अधिकारी उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए। ED की टीम उन्हें गाजियाबाद कोर्ट में पेश करेगी। इस कार्रवाई के दौरान आजम खान ने भावुक अंदाज में कहा “अब कहने को क्या है? यह मुसलमान होने की सजा है। गलती यह है कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। यह हमारा गुनाह है।” उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। दरअसल आजम खान के वकील जुबेर खान ने ED की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि कुछ लोग बिना पहचान पत्र दिखाए जेल में दाखिल हुए और यह भी नहीं बताया कि वे किस विभाग से आए हैं। जुबेर खान के मुताबिक उन्होंने अधिकारियों को आजम खान की खराब तबीयत के बारे में भी बताया था, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद ED के अधिकारी आजम को अपने साथ ले गए।

जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में 416 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का आरोप

दरअसल ED की कार्रवाई का संबंध रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट से है। एजेंसी का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन और सरकारी ठेकों से जुड़े पैसों का गलत इस्तेमाल किया गया। ED करीब 416.14 करोड़ रुपये के खर्च में कथित गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूनिवर्सिटी के निर्माण पर हुए खर्च और उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड में अंतर सामने आया है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निर्माण के लिए पैसा कहां से आया और सरकारी ठेकों से जुड़े फंड या सामग्री का इस्तेमाल किस तरह किया गया। इस मामले में आजम खान से पहले भी पूछताछ हो चुकी है। अब जेल से रिहाई के तुरंत बाद ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

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