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आजम खान के ‘जूते साफ कराऊंगा’ बयान पर आज आएगा फैसला, जानिए क्या है पूरा मामला?

Written by:Banshika Sharma
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समाजवादी पार्टी नेता आजम खान के 2019 के विवादित बयान 'इनसे जूते साफ कराऊंगा' मामले में आज कोर्ट अहम फैसला सुनाएगा, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। चलिए जानते हैं यह पूरा मामला क्या है?
आजम खान के ‘जूते साफ कराऊंगा’ बयान पर आज आएगा फैसला, जानिए क्या है पूरा मामला?

अदालती गलियारों में हर फैसले की एक अपनी गूंज होती है, लेकिन कुछ फैसले ऐसे होते हैं जिनकी ध्वनि राजनीतिक हलकों से लेकर आम जनमानस तक सुनाई देती है। दरअसल आज रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में एक ऐसे ही मामले पर पर्दा उठने वाला है, जिसका सीधा संबंध समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान से है। बात हो रही है उनके उस विवादित बयान की, जो उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान अधिकारियों को लक्ष्य कर दिया था “ये तनखइया हैं, इनसे जूते साफ कराऊंगा।” आज, 16 मई, शनिवार को, इस मामले में अदालत अपना अंतिम निर्णय सुनाएगी, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

दरअसल यह मामला उत्तर प्रदेश के रामपुर से जुड़ा है, जहां 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार की गहमागहमी अपने चरम पर थी। उसी दौरान, समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान ने एक रोड शो में ऐसी टिप्पणी कर दी थी, जिसने सियासी गलियारों में तूफान मचा दिया था। उन्होंने भरी जनसभा में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा था, “इन कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो, ये तनखइया हैं, इंशा अल्लाह चुनाव बाद इनसे जूते साफ कराऊंगा।” यह बयान न सिर्फ तेजी से वायरल हुआ, बल्कि इसने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का भी गंभीर आरोप खड़ा कर दिया।

सरकारी अधिकारियों के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग

आजम खान का यह बयान, जिसमें उन्होंने सरकारी अधिकारियों के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था, तत्काल प्रभाव से सुर्खियों में आ गया। रामपुर से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक चुनाव आयोग के दफ्तरों में इसकी गूंज सुनाई दी। दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया और उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग से तत्काल रिपोर्ट तलब की। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी और उचित कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

किसने दर्ज करवाया था मुकदमा?

तत्कालीन जिलाधिकारी, जो अब मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह हैं, उनके आदेश पर तत्कालीन एसडीएम टांडा और चमरौआ विधानसभा क्षेत्र के एआरओ घनश्याम त्रिपाठी ने भोट थाने में आजम खान के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज करवाया था। इस मामले में गहन जांच के बाद अदालत में आजम खान के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया। यह घटनाक्रम आजम खान के लिए एक और कानूनी चुनौती बन गया, जो उनके राजनीतिक जीवन में लगातार उतार-चढ़ाव का हिस्सा रहा है।

पिछले कई वर्षों से यह मामला एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा है। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने तर्क और दलीलें पेश की गईं। बीते सोमवार को इस मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी थी, जिसके बाद अदालत ने निर्णय सुनाने के लिए आज, 16 मई की तारीख तय की थी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रामपुर की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट आजम खान को इस मामले में दोषी ठहराती है और सजा सुनाती है, या उन्हें सभी आरोपों से बरी कर देती है।

रामपुर जेल में बंद हैं आजम खान

आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम का कानूनी सफर भी किसी ड्रामे से कम नहीं रहा है। वे इन दिनों रामपुर जेल में बंद हैं। पिछले साल सीतापुर जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद, उन्हें एक फर्जी पैन कार्ड मामले में अदालत ने दोबारा जेल भेज दिया था। ऐसे में, आज आने वाला यह फैसला आजम खान के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जो उनके कानूनी और राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेगा। यह सिर्फ एक बयान पर आधारित फैसला नहीं, बल्कि एक कद्दावर नेता के कद और प्रभाव की भी कसौटी है, जिसे आज न्यायिक तराजू पर तोला जाएगा। पूरा देश, विशेषकर उत्तर प्रदेश का सियासी गलियारा, आज इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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