Hindi News

एक्शन में शुभेंदु सरकार, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को महंगे पड़े भड़काऊ भाषण, FIR दर्ज

Written by:Diksha Bhanupriy
Published:
बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी मुश्किल में फंस गए है। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कुछ भड़काऊ भाषण दिए थे। इस मामले में अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
एक्शन में शुभेंदु सरकार, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को महंगे पड़े भड़काऊ भाषण, FIR दर्ज

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। दरअसल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भड़काऊ भाषण दिया था। इस मामले में कोलकाता के बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

बता दें कि चुनाव के दौरान अपने भाषण में अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कुछ टिप्पणियां की थी और उन्हें धमकी भी दी थी। चलिए जान लेते हैं कि FIR में किन-किन बातों का जिक्र किया गया है।

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR

जो एफआईआर दर्ज की गई है, उसे सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार ने 5 मई को चुनाव के नतीजे घोषित होने के 1 दिन बाद दर्ज करवाया था। पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करते हुए या आरोप लगाया गया है कि अभिषेक बनर्जी ने 27 अप्रैल से 3 मई के बीच रखे गए चुनावी कार्यक्रमों में भड़काऊ टिप्पणी की है। इन भाषणों से आपसी दुश्मनी को बढ़ावा मिला और सार्वजनिक शांति भी भंग हुई। शिकायत में यह भी बताया गया है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को धमकियां दी गई। इनमें से कुछ बातें दंगे उकसाने, गंभीर धमकी देने, समूहों के बीच नफरत फैलाने जैसी गैर जमानती धाराओं से जुड़ी हुई है। शिकायत के साथ अभिषेक बनर्जी के बयानों के वीडियो और लिंक भी प्रमाण के तौर पर उपलब्ध करवाए गए हैं।

कब और कैसे हुई शिकायत

राजीव सरकार में इन भाषणों के प्रूफ भी पुलिस स्टेशन में जमा किए हैं। इस मामले में शिकायत प्राप्त होने के बाद 15 मई दोपहर 2:45 पर बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 192, 196, 351 (2) 353 (1) (c) के तहत और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 (2) और 125 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि इन भाषणों में ऐसे भड़काऊ और धमकी भरे बयान थे जिसे सार्वजनिक अव्यवस्था फैल सकती थी और सांप्रदायिक स्वाद भी बिगड़ सकता था। यह भी बताया गया है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। अब इस पूरे मामले की जांच के जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर सोमनाथ रॉय को सौंप गई है।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
Follow Us :GoogleNews