उत्तर प्रदेश के 11 लाख से अधिक शिक्षकों और उनके परिजनों को दीपावली से पहले कैशलेश चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस योजना को लागू करने के लिए लगभग सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जल्द ही इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा, जिसे आगे स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए इस सुविधा की घोषणा की थी।

मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी इस योजना में शामिल करने का ऐलान किया था। इस पहल से 11 लाख से अधिक शिक्षकों और उनके परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार की योजना इसे दीपावली से पहले प्रभावी करने की है, ताकि शिक्षकों को समय पर इस सुविधा का लाभ मिल सके। इस योजना के तहत शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा के लिए कोई अंशदान नहीं देना होगा।

संयुक्त बैठक कर इस योजना की रूपरेखा तैयार

हाल ही में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने संयुक्त बैठक कर इस योजना की रूपरेखा तैयार की है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अगले एक-दो दिनों में प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर शासन को भेज दिया जाएगा। इसके बाद शासन इसे स्वास्थ्य विभाग को अग्रेषित करेगा, जहां से इसकी कार्यान्वयन प्रक्रिया शुरू होगी। प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों को इस सुविधा के लिए कोई आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।

शिक्षक समुदाय के के लिए महत्वपूर्ण कदम

उच्च शिक्षा विभाग भी इस दिशा में सक्रिय है और अपने स्तर पर अलग से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेगा। इस योजना से शिक्षकों को न केवल बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि यह उनके लिए आर्थिक राहत भी लेकर आएगी। योगी सरकार की इस पहल को शिक्षक समुदाय के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।