महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की चरखारी सीट से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोकने वाले राजपूत ने अब कहा है कि किसी को बंधक बनाना उनके लिए एक ‘मामूली बात’ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी में शामिल होने के बाद वह अनुशासित हो गए हैं, वरना उनका पुराना रूप अलग था।
विधायक बृजभूषण राजपूत का अपने ही सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के खिलाफ बगावती तेवर जारी है। उन्होंने कहा, “मैं विकास की बात कमरे में क्यों करूं?” राजपूत ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन को बंधक बना लिया था और अधिकारियों को चूड़ियां और पेटीकोट तक पहनाई थी।
“किसी को बंधक बनाना मेरे लिए मामूली बात है। आपने मेरा पहले वाला रूप नहीं देखा है। मैं बीजेपी में आने के बाद अनुशासित हुआ हूं।”- बृजभूषण राजपूत, बीजेपी विधायक
क्या है पूरा मामला?
पिछले हफ्ते, बुंदेलखंड के महोबा में विधायक बृजभूषण राजपूत ने कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को रोक लिया था। उनका आरोप था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल योजना’ और नमामि गंगे परियोजना के काम में लापरवाही हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले छह सालों से सड़कें खुदी पड़ी हैं और काम पूरा नहीं हुआ है।
काफिला रोकने के दौरान मंत्री के पीआरओ और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विधायक को अपनी गाड़ी में बैठाया और डीएम कार्यालय ले गए। वहां बैठक के बाद उन्होंने 20 दिनों के अंदर सभी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।
’20 दिन में काम नहीं हुआ तो…’
विधायक राजपूत ने कहा कि जनता ने उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए चुना है और वह अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर 20 दिनों में काम पूरा नहीं हुआ तो वह चुप नहीं बैठेंगे।
उन्होंने कहा, “यदि 20 दिनों में काम नहीं हुआ तो आगे की रणनीति हमारी जनता तय करेगी। हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं, क्योंकि यह मोदी जी की योजना है।” उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी एक लोकतांत्रिक पार्टी है और यहां अपनी बात रखने की पूरी आजादी है।





