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CM योगी पर टिप्पणी से अयोध्या में विवाद, परमहंस आचार्य ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को दी ‘नो एंट्री’ की चेतावनी

Written by:Banshika Sharma
Published:
अयोध्या की तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कथित अभद्र टिप्पणी से नाराज परमहंस आचार्य ने कहा कि माफी नहीं मांगने तक शंकराचार्य को अयोध्या में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
CM योगी पर टिप्पणी से अयोध्या में विवाद, परमहंस आचार्य ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को दी ‘नो एंट्री’ की चेतावनी

अयोध्या: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर विवाद गहरा गया है। अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शंकराचार्य को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शब्द वापस लेकर सीएम योगी से माफी नहीं मांगते, उन्हें अयोध्या में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा।

परमहंस आचार्य ने शंकराचार्य के बयान को बेहद निंदनीय और एक संत के आचरण के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि भगवा वस्त्र धारण करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा ऐसी भाषा का प्रयोग पूरे संत समाज का अपमान है।

‘औरंगजेब का बेटा कहना निंदनीय’

जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘औरंगजेब और हुमायूं का बेटा’ कहना किसी भी संत को शोभा नहीं देता। उन्होंने सीएम योगी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वह लगातार सनातन धर्म और प्रदेश के हित में काम कर रहे हैं। इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

“जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शब्द वापस नहीं लेते और सीएम योगी से क्षमा नहीं मांगते, तब तक उन्हें अयोध्या में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। सभी सनातनी उनका बहिष्कार करें।”- जगद्गुरु परमहंस आचार्य

आंदोलन को बताया राजनीति से प्रेरित

परमहंस आचार्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के गाय को लेकर चल रहे आंदोलन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आंदोलन राजनीति से प्रेरित है और इसका उद्देश्य विपक्ष को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग के बावजूद बछड़े और बैल के वध पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लग सका है।

इसके साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से गोवंश को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग की। उन्होंने गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और ग्राम स्तर पर गौरक्षा के लिए एक ठोस व्यवस्था बनाने की भी अपील की।