उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टोक्यो में भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले की सरकार ने राज्य को जानबूझकर अंधकार में डुबोए रखा था, ताकि भय और भ्रष्टाचार का माहौल बना रहे। सीएम योगी ने कहा कि जो लोग अंधेरे में काम करने के आदी थे, उन्हें उनकी सरकार का लाया हुआ उजाला पसंद नहीं आया।
यह टिप्पणी उन्होंने जापान की राजधानी टोक्यो में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए की। उन्होंने राज्य के अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए बताया कि कैसे उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और निवेश के माहौल को बदलकर प्रदेश को एक नई दिशा दी है।
‘पहले कर्फ्यू-दंगों से होती थी पहचान’
मुख्यमंत्री योगी ने सपा सरकार पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान कर्फ्यू, दंगों और बिजली के भारी संकट से होती थी। आज वही उत्तर प्रदेश अपने भव्य त्योहारों और तेज गति से हो रहे विकास के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा, “आज उत्तर प्रदेश दंगों और कर्फ्यू के लिए नहीं, बल्कि अयोध्या के दीपोत्सव, काशी की देव दीपावली और प्रयागराज के महाकुंभ के लिए जाना जाता है।”
“क्या डकैती दिन के उजाले में हो सकती है? अगर प्रवृत्ति डकैती की है तो वह अंधेरे में ही होगी। हमने तय किया कि अगर उत्तर प्रदेश को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त करना है तो उसे उजाले में लाना होगा। हम सूर्य की संतान हैं और हमें सूर्य का प्रकाश चाहिए।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
निवेश और कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार
सीएम योगी ने बताया कि उनकी सरकार ने प्रदेश में कनेक्टिविटी को बेहतर किया है, 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की है और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाया है। इसी का परिणाम है कि आज दुनिया भर के निवेशक उन क्षेत्रों में भी निवेश कर रहे हैं, जो पहले अकल्पनीय थे। उन्होंने सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और लॉजिस्टिक्स पार्क जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया।
उन्होंने सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र में हुई प्रगति के आंकड़े भी साझा किए। सीएम ने कहा कि पिछले वर्ष प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए और एक साल में 156 करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तर प्रदेश पहुंचे, जो राज्य में बढ़ती वैश्विक रुचि का प्रमाण है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने होली की शुभकामनाएं देते हुए जापान में बसे भारतीय समुदाय से भारत और जापान, दोनों देशों के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।






