लखनऊ में बोले CM योगी ‘भगवद्गीता ईश्वर का दिव्य संदेश, 18 अध्याय के 700 श्लोक सनातनियों के मार्गदर्शक मंत्र, RSS को लेकर कही बात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 'दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव' को संबोधित किया। उन्होंने भगवद्गीता को आध्यात्मिक प्रेरणा का अंतिम स्रोत और ईश्वर का दिव्य संदेश बताया। इस दौरान उन्होंने RSS की निस्वार्थ सेवा की सराहना की और कुछ लोगों पर सेवा को सौदेबाजी का जरिया बनाने का आरोप लगाया।
लखनऊ में बोले CM योगी ‘भगवद्गीता ईश्वर का दिव्य संदेश, 18 अध्याय के 700 श्लोक सनातनियों के मार्गदर्शक मंत्र, RSS को लेकर कही बात

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि भगवद्गीता धार्मिक प्रेरणा का सच्चा स्रोत है और इसके 18 अध्यायों के 700 श्लोक हर सनातनी के लिए जीवन का मार्गदर्शक मंत्र हैं। उन्होंने कहा कि गीता का हर बार पाठ करने पर एक नई प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ये बातें लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित ‘दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव’ कार्यक्रम में बोल रहे थे।

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। सीएम योगी ने कहा कि गीता धर्म से शुरू होती है और धर्म पर ही समाप्त होती है, जो सनातन धर्म का शाश्वत सत्य है।

‘सनातन धर्म एक जीवन पद्धति है’

सीएम योगी ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय दर्शन ने हमेशा धर्म को कर्तव्य से जोड़ा है। उन्होंने कहा, “हमारी परंपरा में धर्म केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, यह जीवन जीने की कला है। इसीलिए हम इसे जीवन पद्धति कहते हैं।”

उन्होंने भगवद्गीता को भगवान का दिव्य वचन बताते हुए कहा कि दुनिया में कहीं भी युद्धभूमि को धर्मक्षेत्र नहीं माना गया है।

“धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः।” — भगवद्गीता

सीएम योगी ने कहा, “हमारी मान्यता में कर्तव्य का पालन ही पुण्य है और गलत काम करना पाप है। इसी विश्वास के साथ हर सनातनी अच्छे काम करने का प्रयास करता है।” उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा दुनिया को करुणा और मानवता का संदेश दिया है और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का दर्शन भी इसी भूमि से निकला है।

RSS की सेवा पर ‘सेवा के सौदागर’

मुख्यमंत्री योगी ने RSS के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत को निस्वार्थ सेवा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 100 वर्ष पूरे कर रहा है, तो हम गर्व से कहते हैं कि हम स्वयंसेवक रहे हैं।

उन्होंने कहा, “संघ को न तो ओपेक देश और न ही अंतरराष्ट्रीय चर्च संगठन फंड देते हैं। यह समाज द्वारा और समाज के लिए बनाया गया एक संस्थान है।” सीएम योगी ने कहा कि संघ ने हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को प्रेरित किया है।

इसके विपरीत, उन्होंने कुछ लोगों पर निशाना साधते हुए कहा, “देश और विदेश में कुछ लोगों ने सेवा को सौदेबाजी का माध्यम बना लिया है। वे दबाव, लालच और हेरफेर के जरिए भारत के डेमोग्राफिक ताने-बाने को बदलने और राष्ट्र की सांस्कृतिक आत्मा पर हमला करने का प्रयास करते हैं।”

‘हर भारतीय के लिए है गीता’

सीएम योगी ने स्वामी ज्ञानानंद जी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने ‘जियो गीता’ के माध्यम से गीता के संदेश को सरल और व्यावहारिक तरीके से लोगों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि गीता केवल जेल के कैदियों या कुछ चुनिंदा लोगों के लिए नहीं है, बल्कि यह सभी 1.4 अरब भारतीयों के लिए एक दिव्य मार्गदर्शक है।

“यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः। तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम॥”

उन्होंने इस श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां धर्म, सत्य और कर्तव्य है, वहां विजय निश्चित है। अधर्म के मार्ग पर चलने वाले कभी सफल नहीं हो सकते।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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