उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर में पूर्वी क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता 2025-26 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं शहीद नन्द कुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के बीच हुए मैच का अवलोकन तथा विश्वविद्यालय की खेल पत्रिका का विमोचन किया। इसके साथ, मुख्यमंत्री योगी ने खिलाड़ियों के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए और उनका हौसला बढ़ाया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज अनेक परिवारों ने खेलकूद को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है। अभिभावक बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ खेल के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं तथा उस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। अभिभावकों की इस प्रतिबद्धता को देखते हुए प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर खेल सम्बन्धित इन्फ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, ग्राम पंचायत व नगर निकाय में ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम तथा जनपद स्तर पर स्टेडियम के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कही खेल को गोद लेने की बात
मुख्यमंत्री ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों का आह्वान किया है कि वह किसी न किसी एक खेल को गोद लेकर उस खेल से जुड़ी प्रतिभाओं को तराशें। खेल के जरिये स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कराकर अनुशासन और खेल भावना को मजबूत करने में योगदान दें। कुछ सहयोग वे करें और कुछ सरकार करेगी। यहां पर अच्छे कोच रखे जाएंगे। इससे बच्चों को खेल के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल की गतिविधियों को बढ़ाने से युवा नशे से दूर रहेंगे, तमाम विकृतियों से बचे रहेंगे। युवा खेलेगा तो खिलेगा भी और यही युवा देश को आगे बढ़ाने में, 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में योगदान देगा।
सीएम योगी ने समझाया खेलकूद के महत्व को
सीएम योगी ने खेलकूद के महत्व को समझाते हुए कहा कि युवा खेलेगा तो देश खिलेगा। विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने का रास्ता यहीं से प्रारंभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलताओं का मार्ग स्वस्थ शरीर से ही संभव हो सकता है। स्वस्थ शरीर खेलकूद और यौगिक क्रियाओं के माध्यम से ही प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने किया ‘खेलो इंडिया तथा फिट इंडिया मूवमेंट’ का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 के बाद देश में नई खेल संस्कृति विकसित की है। उन्होंने ‘खेलो इंडिया तथा फिट इंडिया मूवमेंट’ के माध्यम से देशवासियों को स्वस्थ शरीर से सशक्त राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला तैयार करने की प्रेरणा प्रदान की।
सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से गांव-गांव तक खेल भावना का प्रसार करने के लिए प्रोत्साहित किया। भारतीय ऋषि परम्परा उद्घोष करती है कि ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ अर्थात् जीवन के जितने भी साधन है, वह सभी स्वस्थ शरीर से ही सम्भव हैं। शरीर स्वस्थ तभी होगा, जब व्यक्ति नियम, संयम और अनुशासन का पालन करेगा।
मैं सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से इस बात का आह्वान करूंगा,
कम से कम एक खेल को गोद लेकर अच्छे खिलाड़ियों को तराशने का काम करें… pic.twitter.com/mlxkJ846yg
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 16, 2026





