सीएम योगी के निर्देश के बाद तेज़ हुआ राहत अभियान, बाढ़ प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें तैनात

प्रदेश सरकार ने राहत कार्यों के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि एनडीआरएफ की 14, एसडीआरएफ की 15 और पीएसी की 48 टीमों को 57 जिलों में तैनात किया गया है।
सीएम योगी के निर्देश के बाद तेज़ हुआ राहत अभियान, बाढ़ प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें तैनात

उत्तर प्रदेश में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। राज्य के 17 जिलों की 40 तहसीलों और 694 गांवों में बाढ़ का असर देखा गया है, जहां अब तक 1,16,403 लोग प्रभावित हुए हैं।

57 जिलों में राहत बलों की तैनाती

प्रदेश सरकार ने राहत कार्यों के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि एनडीआरएफ की 14, एसडीआरएफ की 15 और पीएसी की 48 टीमों को 57 जिलों में तैनात किया गया है। ये टीमें लगातार पेट्रोलिंग और रेस्क्यू का काम कर रही हैं।

लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया

अब तक 25,586 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। वहीं 18,772 लोग 924 सक्रिय राहत शिविरों में ठहरे हुए हैं। मवेशियों की सुरक्षा के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, अब तक 4,682 पशुओं को शिफ्ट किया गया है और 2,234 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है।

खाद्यान्न, मेडिकल और सैनिटेशन सुविधाएं

प्रभावित इलाकों में अब तक 9,467 राशन पैकेट, 1,18,769 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। 1,57,168 क्लोरीन टैबलेट और 1,21,476 ओआरएस पैकेट बांटे गए हैं ताकि जलजनित बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके। 778 मेडिकल टीमें लगातार बाढ़ पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। बाढ़ के कारण 11,386 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है। साथ ही, अब तक 373 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से 356 प्रभावितों को आर्थिक सहायता दी गई है।

प्रभावित जिले

उत्तर प्रदेश के जिन 17 जिलों में बाढ़ का असर है, उनमें कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाजीपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर शामिल हैं। सरकार का कहना है कि राहत और पुनर्वास कार्यों को और तेज किया जा रहा है, ताकि किसी भी नागरिक को संकट का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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