वाराणसी महिला अस्पताल में विवाद; हिंदूवादी संगठन ने मजार बताकर तोड़ दी नाली, छिड़का गंगाजल

अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में स्पष्ट किया कि टूटा हुआ स्ट्रक्चर कोई धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि छत का पानी निकालने वाला ड्रेन था।
GRP shows sensitivity

BHOPAL GRP shows sensitivity

वाराणसी के कबीरचौरा महिला अस्पताल में एक नाली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ हिंदूवादी संगठनों के सदस्यों ने अस्पताल परिसर में मौजूद एक छोटे निर्माण को मजार बताकर हथौड़ी से तोड़ दिया। उनका दावा था कि इस स्थान का उपयोग गर्भवती महिलाओं को धार्मिक धोखाधड़ी और धर्म परिवर्तन के लिए किया जा रहा था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें लोग गंगाजल छिड़कते और स्ट्रक्चर तोड़ते नजर आए।

हिंदूवादी संगठन के नेता अतुल कुल ने आरोप लगाया कि यह स्थल हिंदू महिलाओं को निशाना बनाकर धर्म परिवर्तन की साजिश का केंद्र था। उन्होंने दावा किया कि वहां चादर चढ़ाने और कव्वाली जैसी गतिविधियां होती थीं। प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने खुद इसे तोड़ने का फैसला किया। इस घटना ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है।

टूटा हुआ स्ट्रक्चर कोई धार्मिक स्थल नहीं

अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में स्पष्ट किया कि टूटा हुआ स्ट्रक्चर कोई धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि छत का पानी निकालने वाला ड्रेन था। अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षिका ने वायरल वीडियो को भ्रामक बताते हुए पुलिस और संबंधित विभागों से जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसी भ्रामक जानकारी से जनता में भ्रम फैल रहा है।

वीडियो में गलत तरीके से ड्रेन को मजार बताया

पुलिस ने भी इस मामले में स्थिति साफ की है। ACP कोतवाली प्रज्ञा पाठक ने बताया कि वीडियो में गलत तरीके से ड्रेन को मजार के रूप में प्रस्तुत किया गया। अस्पताल प्रशासन के बयान के आधार पर पुलिस ने इसे भ्रामक बताया और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है और प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

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