मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे तैयार, अप्रैल से शुरू हो सकता है आवागमन

मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस वे तैयार किया गया है। यहां तैयारी अंतिम चरण में चल रही है और अप्रैल से इसके शुरू होने की संभावना है।
Ganga Expressway f

उत्तर प्रदेश को रफ्तार देने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे बनकर पूरी तरह से तैयार है। मेरठ से प्रयागराज तक बनाया गया यह एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर का है। यह पूरी तरह से तैयार है और इस पर चलने वाले वाहनों की गति 100 से 120 किलोमीटर तक रहेगी। यह एक्सप्रेस में बांदा उसे जिले से होकर गुजरेगा और लगभग 92 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगा।

इस एक्सप्रेसवे पर यात्रियों के सुविधा के लिए जगह-जगह साइन बोर्ड लगाए गए हैं। हर एक किलोमीटर पर सीसीटीवी कैमरा भी है जो वाहनों की गति पर निगरानी रखने के साथ यात्रियों के गतिविधियों पर भी नजर रखेगा। इस तरह से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी रहेगी। एक्सप्रेसवे पर छोटे-मोटे काम किया जा रहे हैं जिन्हें अंतिम तैयारी कहा जा सकता है। इसमें सर्विस रोड की फिनिशिंग से लेकर बिजली व्यवस्था और सीसीटीवी का ट्रायल शामिल है।

इन गांवों को होगा फायदा

इस एक्सप्रेसवे के किनारे पर कई गांव बसे हुए हैं और वहां के लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। वो इसे अपने क्षेत्र के विकास की कड़ी के रूप में देख रहे हैं। यह कहां जा रहा है कि अप्रैल में यहां यातायात का संचालन शुरू होगा। यहां आस-पास दातागंज, बिसौली, बदायूं सहित 85 गांव आते हैं। इनमें बिसौली के 38, बदायूं के 18 बिल्सी के दो और दातागंज के 27 गांव हैं।

सुरक्षा और आराम के साधन

इस एक्सप्रेस वे पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। जगह-जगह पर बोर्ड लगाए गए हैं जिन पर आपातकाल स्थिति में मदद के लिए टोल फ्री नंबर 14449 दिया गया है। अगर कोई हादसा होता है, व्यक्ति बीमार होता है या वाहन पंचर होता है तो 24 घंटे में कभी भी मदद ली जा सकती है। रास्ते में दो जगह विश्राम और सेवा क्षेत्र बनाए गए हैं। यहां यात्री रुक कर शौचालय का इस्तेमाल कर सकते हैं और स्वल्पाहार भी ले सकते हैं। हर एक किलोमीटर पर दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरा लगे हैं जो सुरक्षित यात्रा का एहसास करवाएंगे।

सीसीटीवी कनेक्टिविटी और ट्रायल का काम जारी

गंगा एक्सप्रेसवे पर हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसका काम एचजी इंफ्रा की तरफ से नेटवर्किंग कंपनी टेजेंट को दिया गया है। सीसीटीवी की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। यहां बड़ी एलइडी के जरिए सभी जगह नजर रखी जाएगी। सीसीटीवी कंट्रोल करने के लिए हर 20 से 25 किलोमीटर पर पोल लगाकर एग्रीकेशन पॉइंट बनाए गए हैं। ये कनेक्टिविटी पूरी तरह से अंडरग्राउंड रखी गई है।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews