
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक व्यापक स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत हुई है। लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर और केजीएमयू में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने बटन दबाकर 20,324 स्वास्थ्य शिविरों का शुभारंभ किया। ये शिविर विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर केंद्रित हैं जहां रक्तचाप, मधुमेह, एनीमिया, कैंसर और टीबी जैसी बीमारियों की मुफ्त जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
यह अभियान गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व देखभाल, बच्चों के टीकाकरण और कुपोषण दूर करने पर जोर देता है। सीएम योगी ने कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों के अन्नप्राशन जैसे कार्य किए, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अलावा, 507 रक्तदान शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें युवाओं से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की गई है।
मानदेय वृद्धि और स्मार्ट फोन वितरण
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए मानदेय वृद्धि और स्मार्ट फोन वितरण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी बहनों की मेहनत को सम्मान देने के लिए यह कदम उठाया गया है, जिससे उनकी कार्यकुशलता और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। साथ ही, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह योजनाओं के तहत सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव
सीएम योगी ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में यूपी में स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। इंसेफेलाइटिस को पूरी तरह समाप्त करने के साथ-साथ शिशु मृत्यु दर में 45 से 37 और मातृ मृत्यु दर में 141 तक की कमी आई है। अब सरकार का लक्ष्य मलेरिया, डेंगू और टीबी जैसी बीमारियों को खत्म करना है। यह अभियान उत्तर प्रदेश को स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
