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मॉरीशस में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट लगाएगा भारत, हाइड्रोग्राफी समझौते से समुद्री सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

Written by:Saurabh Singh
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए मॉरीशस के प्रधानमंत्री गुरुवार को वाराणसी पहुंचे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेसवार्ता में कहा कि पीएम मोदी की सोच है कि विदेश नीति केवल दिल्ली तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश की होनी चाहिए।
मॉरीशस में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट लगाएगा भारत, हाइड्रोग्राफी समझौते से समुद्री सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते किए। इनमें समुद्र विज्ञान, प्रशासनिक सुधार, हाइड्रोग्राफी और अंतरिक्ष अनुसंधान प्रमुख हैं। ये समझौते भारत को समुद्री सुरक्षा मजबूत करने में मदद करेंगे, जबकि मॉरीशस को अंतरिक्ष अनुसंधान के माध्यम से तकनीकी सशक्तिकरण का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, प्रशासनिक सुधारों से अधिकारियों और जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। भारत इस साल मॉरीशस को 2,000 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता प्रदान करेगा और मॉरीशस के बंदरगाह के पुनर्निर्माण तथा चागोस समुद्री संरक्षित क्षेत्र के विकास और निगरानी में सहयोग करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए मॉरीशस के प्रधानमंत्री गुरुवार को वाराणसी पहुंचे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेसवार्ता में कहा कि पीएम मोदी की सोच है कि विदेश नीति केवल दिल्ली तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश की होनी चाहिए। इसलिए यह वार्ता काशी में आयोजित की गई, ताकि विदेश नीति को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि काशी पीएम मोदी के दिल के करीब है, और यह आयोजन भारत-मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करता है।

भारत-मॉरीशस के गहरे रिश्तों का प्रतीक

वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी और डॉ. रामगुलाम का भव्य स्वागत किया गया। बाबतपुर एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी अगवानी की। प्रधानमंत्री का काफिला पुलिस लाइन से ताज होटल तक शंखनाद, ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष और पुष्पवर्षा के बीच पहुंचा। स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, और भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘जीएसटी और धन्यवाद’ लिखी तख्तियों के साथ स्वागत किया। यह स्वागत काशी की सांस्कृतिक धरोहर और भारत-मॉरीशस के गहरे रिश्तों का प्रतीक रहा।

हिंद महासागर में विकास और सुरक्षा के लिए नया सेतु

शुक्रवार को डॉ. रामगुलाम अपने परिवार के साथ अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव को और गहरा करेगा। भारत और मॉरीशस के बीच यह रणनीतिक साझेदारी न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में विकास और सुरक्षा के लिए एक नया सेतु भी स्थापित करेगी।

Saurabh Singh
लेखक के बारे में
राजनीति में गहरी रुचि. खबरों के विश्लेषण में तेज और राजनीतिक परिस्थितियों की समझ रखते हैं. देश-दुनिया की घटनाओं पर बारीक नजर और फिर उसे खबरों के रूप में लिखने के शौकीन हैं. View all posts by Saurabh Singh
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