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प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर आस्था का सैलाब, 3 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान, AI कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर

Written by:Rishabh Namdev
Published:
प्रयागराज में माघ मेले के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर संगम तट पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है। ब्रह्म मुहूर्त से ही लाखों भक्त आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। प्रशासन ने तीन करोड़ से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान जताते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं, जिसमें AI कैमरे और ड्रोन भी शामिल हैं।
प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर आस्था का सैलाब, 3 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान, AI कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर

माघ मेले के तीसरे और सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर रविवार, 18 जनवरी 2026 को प्रयागराज के संगम तट पर आस्था का जनसागर उमड़ पड़ा है। ब्रह्म मुहूर्त से ही ‘हर-हर गंगे’ के जयकारों के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मौन रहकर स्नान और दान का विशेष महत्व होता है।

प्रशासन का अनुमान है कि इस पावन अवसर पर तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम पहुंच सकते हैं। इससे एक दिन पहले ही करीब डेढ़ करोड़ लोगों ने स्नान किया था। प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा, “मौनी अमावस्या का स्नान शुरू हो चुका है। लोगों में काफी उत्साह है और बड़ी संख्या में लोग स्नान के लिए आ रहे हैं।”

3.5 किलोमीटर लंबा घाट, व्यापक इंतजाम

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। माघ मेला अधिकारी ऋषि राज के अनुसार, सभी सात सेक्टरों में लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे घाट तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा, “सभी श्रद्धालुओं से अपील है कि वे निकटतम घाट पर पहुंचकर स्नान करें। उनकी सुविधा के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं।” मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि सुबह तक ही पचास लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। श्रद्धालुओं को सही रास्ता दिखाने के लिए खंभों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए हैं और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक भी लगातार उनकी मदद कर रहे हैं।

हाई-टेक सुरक्षा, AI और ड्रोन से निगरानी

मेले में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने खुद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पूरे मेला क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, आरएएफ, बीडीएस और यूपी एटीएस के कमांडो तैनात हैं। स्नान घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें मुस्तैद हैं।

इस बार सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा ने बताया कि भीड़ पर नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले कैमरे और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

“मौनी अमावस्या के मौके पर पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर मौजूद हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भीड़ पर नजर रखने के लिए AI वाले कैमरे और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।” — अजय पाल शर्मा, एडिशनल पुलिस कमिश्नर, प्रयागराज

पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार के मुताबिक, स्नान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर कड़ी सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो।