उत्तर प्रदेश में रविवार को सरूरपुर के भूनी टोल प्लाजा पर एक सैनिक के साथ टोल कर्मचारियों द्वारा कथित मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। गोटका गांव के निवासी कपिल, जो छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौट रहे थे, का टोल कर्मियों से वाहनों की लंबी कतार को लेकर विवाद हो गया। पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ने पर टोल कर्मियों ने कपिल के साथ मारपीट की। इस घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
इस घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया है, जब भाजपा के पूर्व विधायक ठाकुर संगीत सोम अपने समर्थकों के साथ टोल प्लाजा पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने सड़क पर बैठकर अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया, तो वह अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। संगीत सोम ने कहा कि मेरठ जिला “भगवान भरोसे” चल रहा है और गुंडई चरम पर है। उन्होंने अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यह सपा-बसपा की सरकार नहीं है, जहां ऐसी घटनाएं बर्दाश्त की जाएं।
अधिकारियों को सड़क पर बैठाकर दी चेतावनी
संगीत सोम ने एसपी देहात राकेश मिश्रा, एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश, और एसडीएम उदित नारायण सेंगर सहित अन्य अधिकारियों को सड़क पर बैठा लिया और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी हैसियत नहीं कि कोई उन्हें धरने से उठा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, वह अपना विरोध जारी रखेंगे। इस प्रदर्शन ने स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है, और मामला अब चर्चा का केंद्र बन गया है।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। परिजनों की शिकायत पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की गहन जांच कर रही है। इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी हलचल मचा दी है।





