प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयागराज महाकुंभ में लगाई आस्था की डुबकी, संगम नदी में किया पवित्र स्नान

पीएम मोदी ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर गंगा पूजन किया और सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवा वस्त्र धारण किए प्रधानमंत्री की यह आध्यात्मिक यात्रा आस्था और सनातन परंपराओं के साथ पूर्ण हुई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ उपस्थित रहे। महाकुंभ में अब तक 38 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आ चुके हैं और श्रद्धा एवं भक्ति का यह दिव्य प्रवाह अनवरत जारी है।
Narendra Modi Sangam Snan

PM Modi Takes a Leap of Faith at Prayagraj Mahakumbh : पीएम नरेंद्र मोदी ने आज प्रयागराज महाकुंभ में पवित्र संगम नदी में स्नान किया। मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई और सूर्य को अर्ध्य दिया। इसी के साथ उन्होंने गंगा पूजन भी किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रधानमंत्री के साथ मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री हेलिकॉप्टर के जरिए डीपीएस हेलीपैड पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग द्वारा अरैल के वीआईपी घाट तक गए। अरैल घाट से वे मोटर बोट से से संगम पर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवा वस्त्र धारण किए और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संगम नदी में डुबकी लगाई।

पीएम मोदी ने संगम नदी में लगाई डुबकी

प्रधानमंत्री के प्रयागराज दौरे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। वहीं इस बात का भी ध्यान रखा गया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पीएम मोदी ने प्रयागराज में पुण्य सलिला माँ गंगा, माँ यमुना और माँ सरस्वती की दिव्य धाराओं के संगम में पवित्र स्नान किया, साथ ही तीर्थराज प्रयाग का भ्रमण भी किया। इससे पहले वे 13 दिसंबर को भी यहां आए थे। महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी को हुई थी और ये 26 फरवरी तक चलेगा। अब तक 38 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं।

प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी

प्रयागराज महाकुंभ मेला दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। देश में चार प्रमुख स्थानों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में हर बारह साल में कुंभ मेले का आयोजन होता है। वहीं, महाकुंभ मेला 144 वर्षों में एक बार आयोजित होता है और ज्योतिषीय गणना के आधार पर इसकी आयोजन तिथि और वर्ष निर्धारित होता है। हिन्दू धर्म में महाकुंभ को में अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस समय संगम में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस बार महाकुंभ में देश विदेश से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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