अखिलेश यादव ने प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य विवाद को लेकर बीजेपी और उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के दंभ और सत्ता के अहंकार ने अनादिकाल से चली आ रही सनातनी परंपराओं को तोड़ दिया है। सोशल मीडिया पर लिखी एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य का तीर्थराज प्रयाग की धरती से बिना पवित्र स्नान किए लौटना सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज के लिए गहरी पीड़ा और अनिश्चित भय का कारण है।
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार चाहती तो अहंकार त्यागकर शंकराचार्य की पालकी खुद उठाकर उन्हें संगम स्नान करवा सकती थी, लेकिन भ्रष्ट साधनों से अर्जित शक्ति के घमंड ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना से हर सनातन दुखी है और इससे बीजेपी का असली चेहरा उजागर हो गया है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने माघ मेला छोड़ा
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को माघ मेला बीच में छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दुख जताते हुए कहा कि “बहुत दुखी मन से अपने 39 साल के आध्यात्मिक सफर में पहली बार माघ मेला बीच में ही छोड़कर जा रहा हूं। मन बहुत दुखी है। हम बिना स्नान किए ही विदा ले रहे हैं।” शंकराचार्य ने कहा कि प्रयागराज हमेशा से धर्म, अध्यात्म और शांति की भूमि रही है। यहां बहुत ही श्रद्धा के साथ पिछले 39 सालों से आता रहा हूं, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ कि स्नान करने से रोक दिया जाए। उन्होंने कहा कि मेरे और मेरे अनुयायियों के साथ जो घटना हुई, वह आत्मा को झकझोर देने वाली थी। इससे न्याय और मानवता के प्रति मेरा विश्वास कमजोर हुआ है।
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा
इसके बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। इसे लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा और उसके सहयोगी सत्ता की हनक और अहंकार को त्याग देते तो शंकराचार्य को सम्मानपूर्वक अपने कंधों पर पालकी में बैठाकर त्रिवेणी संगम तक ले जाते और पावन स्नान कराकर उनके आहत सम्मान की रक्षा कर सकते थे। लेकिन भ्रष्ट साधनों से अर्जित शक्ति के घमंड ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। अखिलेश यादव ने कहा है कि संतों का मन दुखी करके कोई सुखी नहीं हो सकता और किसी भी राजनीतिक पद की हैसियत संतों के सम्मान से बड़ी नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सनातन की भी सगी नहीं है और आज हर सनातनी मन से बेहद दुखी है।





