प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के बाद राहुल गांधी ने कहा ‘VIP कल्चर पर लगाम लगनी चाहिए’, अखिलेश यादव ने की कुंभ का प्रबंधन सेना को सौंपने की मांग

प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ में कई श्रद्धालुओं के हताहत होने खबर है। इस घटना को लेकर राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने शासन-प्रशासन की आलोचना की है। राहुल गांधी ने सरकार से VIP मूवमेंट पर रोक लगाने और आगे के समय के लिए व्यवस्थाओं में सुधार की अपील की। अखिलेश यादव ने महाकुंभ का प्रशासन सेना के हवाले करने की मांग की ताकि आगे व्यवस्थाएं बेहतर हो सकें। वहीं, पंचायती अखाड़ा निरंजनी के महामंडलेश्वर प्रेमानंद ने भी इस घटना को लेकर प्रशासन पर गहरी नाराजगी जाहिर की और सवाल किया कि व्यवस्था को सेना के हवाले क्यों नहीं किया गया।
Prayagraj Maha Kumbh

Prayagraj Maha Kumbh Mela Stampede : मौनी अमावस्या पर प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद राहुल गांधी ने इस घटना पर दुख जताया है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि सरकार को VIP मूवमेंट कल्चर पर लगाम कसनी चाहिए और महाकुंभ के शेष दिनों के लिए व्यवस्था में सुधार करना चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है की है कि महाकुंभ का प्रशासन और प्रबंधन तत्काल सेना को सौंप देना चाहिए।

इस दुखद घटना को लेकर पंचायती अखाड़ा निरंजनी के महामंडलेश्वर प्रेमानंद ने भी प्रशासन पर कड़ी नाराजगी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि पिछले स्नान के बाद भी सभी अखाड़ों वालों ने प्रशासन को सचेत किया था। और जब प्रशासन को अंदाज़ा था कि इतनी भारी संख्या में लोग आने वाले हैं तो व्यवस्था को सेना के हवाले क्यों नहीं किया गया। इस घटना पर द्रवित होते हुए महामंडलेश्वर प्रेमानंद के आंसू निकल आए और उन्होंने कहा कि यहां प्रशासन पूरी तरह फेल हो गया है और अब तक सिर्फ वीआईपी की सेवा में लगा रहा है।

राहुल गांधी ने कहा ‘VIP कल्चर पर लगाम लगे’

प्रयागराज महाकुंभ में हुए इस घटना को लेकर दुखद बताते हुए राहुल गांधी ने शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति जाहिर की। इसी के साथ प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा उन्होंने कहा कि कुप्रबंधन, बदइंतजामी और आम श्रद्धालुओं की बजाय VIP मूवमेंट पर प्रशासन का विशेष ध्यान होना घटना के लिए जिम्मेदार है। राहुल गांधी ने कहा ‘सरकार को व्यवस्था में सुधार करना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाएं न हों। महाकुंभ अभी भी जारी है और कई बड़े स्नान बाकी हैं, इसलिए प्रशासन को आगे के लिए व्यवस्थाएं सुधारने के प्रयासों में जुटना चाहिए।’ इसी के साथ उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से पीड़ित परिवारों की मदद करने की अपील भी की है।

अखिलेश यादव ने की महाकुंभ का प्रबंधन सेना को सौंपने की मांग 

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस हादसे के बाद महाकुंभ की व्यवस्था सेना के हवाले करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ‘महाकुंभ में आए संत समाज और श्रद्धालुओं में व्यवस्था के प्रति पुनर्विश्वास जगाने के लिए ये आवश्यक है कि उप्र शासन-प्रशासन के स्थान पर महाकुंभ का प्रशासन और प्रबंधन तत्काल सेना को सौंप देना चाहिए।’

इसी के साथ उन्होंने यूपी सरकार से घायलों, मृतकों और लापता लोगों के परिजनों की पूरी तरह सहायता करने की अपील भी की है। अखिलेश यादव ने कहा कि ‘सतयुग से चली आ रही ‘शाही स्नान’ की अखण्ड-अमृत परंपरा को निरंतर रखते हुए, राहत कार्यों के समानांतर सुरक्षित प्रबंधन के बीच ‘मौनी अमावस्या के शाही स्नान’ को संपन्न कराने की व्यवस्था की जाए। श्रद्धालुओं से भी हमारी अपील है कि वो इस कठिन समय में संयम और धैर्य से काम लें और शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा संपन्न करें। सरकार आज की घटना से सबक लेते हुए श्रद्धालुओं के रुकने, ठहरने, भोजन-पानी व अन्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त प्रबंध करें।’ उन्होंने ये भी कहा ‘विश्वस्तरीय व्यवस्था करने के प्रचार करते हुए दावों की सच्चाई अब सबके सामने आ गयी है, तो जो लोग इसका दावा और मिथ्या प्रचार कर रहे थे, उन्हें इस हादसे में हत हुए लोगों की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपना पद त्याग देना चाहिए।’

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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